गुजरात के अहमदाबाद में विमान हादसे में 297 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे ने कई परिवारों से करीबी लोगों को छीन लिया और कई परिवारों के सपने भी खत्म कर दिए। ऐसे ही दो परिवार पायल और संकेत के हैं। ये दोनों पढ़ाई के लिए लंदन जा रहे थे, लेकिन अहमदाबाद में ही विमान हादसे में दोनों की मौत हो गई। पायल खटिक लंदन के एक कॉलेज में एम.टेक कोर्स करने जा रही थीं। वहीं, संकेत गोस्वामी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए लंदन जा रहे थे।
पायल की कहानी
पायल खटिक के एक रिश्तेदार ने बताया कि लंदन में बेटी को पढ़ाने के लिए पायल के पिता ने पैसे जुटाने में काफी संघर्ष किया। पायल के परिवार को उसके भविष्य से बहुत उम्मीदें थीं। पायल रिश्तेदार ने एएनआई को बताया, "हमारी रिश्तेदार पायल खटीक उस फ्लाइट में थीं। वह सुरेश खटीक की बेटी थीं। हम सभी उन्हें फ्लाइट के लिए विदा करने गए थे। जब हमें विमान दुर्घटना के बारे में पता चला, तो हम फिर से अहमदाबाद आए। हमारा डीएनए सैंपल ले लिए गए हैं।" उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। सुरेश खटीक लोडिंग रिक्शा चलाकर अपना गुजारा करते हैं। पायल छात्रों को ट्यूशन पढ़ाकर परिवार का भरण-पोषण करती थीं। उन्होंने लंदन में उसकी शिक्षा के लिए समुदाय और अन्य स्थानों से ऋण लिया था।"
संकेत के सपने भी टूटे
संकेत गोस्वामी उच्च शिक्षा के लिए लंदन जा रहे थे। वह भी AI-171 विमान में सवार थे, जो अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद मेघानीनगर में एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मेहसाणा निवासी पीड़ित परिवार ने बताया कि संकेत काफी मेहनती था और उच्च शिक्षा के लिए लंदन जा रहा था। उनके रिश्तेदार ने बताया, "मेरे भतीजे ने अपने इकलौते बेटे संकेत गोस्वामी को खो दिया। वह पढ़ाई के लिए लंदन जा रहा था। वह एक उत्साही लड़का था। उसकी एक छोटी बहन भी है।"
अहमदाबाद प्लेन हादसे में क्या हुआ?
अहमदाबाद से लंदन के गैटविक जा रहा AI-171 बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 विमान गुरुवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान में सवार 242 लोगों में से केवल एक ही जीवित बच पाया। एयर इंडिया ने बताया कि कैप्टन सुमीत सभरवाल यह प्लेन चला रहे थे, जो एक लाइन ट्रेनिंग कैप्टन हैं और इससे पहले 8,200 घंटों तक प्लेन उड़ा चुके थे। उनके साथी पायलट फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर थे, जिनके पास 1,100 घंटों तक प्लेन उड़ाने का अनुभव था। (इनपुट- एएनआई)