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यहां है देश का पहला हीलिंग सेंटर, लोग पेड़ों से लिपटकर होते हैं तनाव मुक्त

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Oct 12, 2022 07:30 pm IST,  Updated : Oct 12, 2022 07:30 pm IST

Forest Healing Centre: रानीखेत के कालिका रेंज में एक ऐसा ही वन एवं प्राकृतिक उपचार केंद्र है, जहां पर लोग आकर अपना मन शांत करते हैं और अवसाद को दूर करते हैं।

Forest Healing Centre- India TV Hindi
Forest Healing Centre Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • प्रकृति से ज्यादा हीलिंग पावर किसी में नहीं है
  • प्रकृति के बीच समय बिताने की दी जाती है हिदायत

Forest Healing Centre: चाहे जितना भी मानसिक तनाव हो, प्रकृति की गोद में आकर चित्त हमेशा शांत हो जाता है। हम भले ही प्रकृति से दूर रहें, मगर जब भी हरियाली, पेड़ पौधों के आस-पास होते हैं, तो वह जुड़ाव सबको प्रतीत होता है। प्रकृति से ज्यादा 'हीलिंग पावर' किसी में नहीं है। जो लोग अवसाद (डिप्रेशन) से जूझ रहे होते हैं, उनको भी कुछ दिन प्रकृति की गोद में समय बिताने की हिदायत दी जाती है। रानीखेत के कालिका रेंज में एक ऐसा ही वन एवं प्राकृतिक उपचार केंद्र है, जहां पर लोग आकर अपना मन शांत करते हैं और अवसाद को दूर करते हैं।

डेढ़ वर्ष से ज्यादा की इस अवधि में 200 से ज्यादा सैलानी प्रकृति से जुड़ शारीरिक उपचार को यहां पहुंच चुके हैं। जी हां, कालिका वन रेंज में देश का पहला हीलिंग सेंटर यानी वन एवं प्राकृतिक उपचार केंद्र लोगों को खूब भाने लगा है। विभिन्न राज्यों से सैर-सपाटे को यहां पहुंचने वाले प्रकृति प्रेमी सैलानी यहां पर मानसिक सुकून के लिए जैवविविधता से भरपूर जंगल में चीड़ के पेड़ों से लिपटे देखे जा सकते हैं।

पर्यटकों का रुझान इस ओर तेजी से बढ़ रहा है

पर्यटक नगरी रानीखेत से लगभग छह किमी दूर कालिका में यही कोई 13 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हीलिंग सेंटर की चर्चा वैश्विक महासंकट कोरोना से जंग के बीच प्रकृति एवं जंगलात से जुड़ प्राकृतिक उपचार के जरिए प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने के क्रेज के बाद तेज हुई है। यही वजह है कि रानीखेत में देश का पहला हीलिंग सेंटर स्थापित होने के बाद पर्यटकों का रुझान इस ओर तेजी से बढ़ रहा है।

तकरीबन डेढ़ वर्ष से ज्यादा की इस अवधि में अब तक 200 से ज्यादा सैलानी प्रकृति से जुड़ शारीरिक उपचार को यहां पहुंच चुके हैं। रोग एवं तनावमुक्ति को इन पेड़ों से लिपट कर सुकून पाने का अनुभव भी अलग ही है। चीड़ के पेड़ों के बीच कुछ ऊंचाई पर बने ट्रीहाउस हीलिंग सेंटर का आकर्षण बढ़ाते हैं। पर्यटक यहां हवादार ट्री-हाउस व घरों में स्वच्छ हवा के बीच ध्यान एवं योग भी करते हैं।

चीड़ के पेड़ अवसाद दूर करने में सहायक होते हैं

कालिका वन अनुसंधान केंद्र, रानीखेत के क्षेत्राधिकारी एवं शोध अधिकारी राजेंद्र प्रसाद जोशी ने बताया कि हीलिंग बेहद पुरानी प्रक्रिया है और वैज्ञानिक रूप से यह भी सिद्ध हो चुका है कि चीड़ के पेड़ अवसाद को दूर करने में सहायक होते हैं। जब हम प्रकृति से सीधा साक्षात्कार करते हैं, तो तमाम मनोविकारों से जुड़ी जटिल से जटिल समस्याएं भी धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं। कुल मिलाकर रानीखेत का कालिका हीलिंग सेंटर पर्यटकों को खूब पसंद आ रहा है और कई लोग इस हीलिंग सेंटर का लाभ उठा चुके हैं।

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