1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. कर्नाटक हाईकोर्ट से X को बड़ा झटका, केंद्र के खिलाफ याचिका खारिज की; कहा- 'भारत के नियम मानने होंगे'

कर्नाटक हाईकोर्ट से X को बड़ा झटका, केंद्र के खिलाफ याचिका खारिज की; कहा- 'भारत के नियम मानने होंगे'

 Reported By: T Raghavan Edited By: Shaswat Gupta
 Published : Sep 24, 2025 05:01 pm IST,  Updated : Sep 24, 2025 05:01 pm IST

Karnataka High Court on X: केंद्र सरकार के IT एक्ट को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को बड़ा झटका लगा है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है।

Karnataka High Court, Karnataka High Court on X- India TV Hindi
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक्स को फटकारा। Image Source : FREEPIK AND X

Karnataka High Court on X: कर्नाटक हाईकोर्ट से आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को बड़ा झटका लगा है। एक्स ने केंद्र सरकार पर IT एक्ट के माध्यम से कंटेंट ब्लॉक करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। भारत सरकार के दिशा—निर्देशों को चुनौती देने वाली याचिका को कर्नाटक हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। जस्टिस नाग प्रसन्ना की सिंगल बेंच (एकल पीठ) ने एक्स कॉर्प की उस याचिका पर फैसला सुनाया जिसमें यह घोषित करने की मांग की गई थी कि IT एक्ट की धारा 79(3)(बी) केंद्र को सूचना अवरुद्ध करने के आदेश जारी करने का अधिकार नहीं देती है। बता दें कि, एक्स ने केंद्र के सहयोग पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग को भी चुनौती दी थी। 

'अमेरिकी कानून को भारत पर थोपा नहीं जा सकता' 

मामले की सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता वर्चुअल रूप से पेश हुए। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा, सूचना और संचार को कभी भी अनियंत्रित और अनियमित नहीं छोड़ा जा सकता है, जब से तकनीक विकसित हुई है, सभी को विनियमित किया गया है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार अनुच्छेद 19 (2) के तहत प्रतिबंधों से घिरा हुआ है। अमेरिकी न्यायशास्त्र को भारतीय विचारधारा में प्रत्यारोपित नहीं किया जा सकता। 

'भारत के नियम मानने होंगे'

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान ये भी कहा गया कि, सोशल मीडिया को अराजक स्वतंत्रता की स्थिति में नहीं छोड़ा जा सकता। प्रत्येक संप्रभु राष्ट्र सोशल मीडिया को नियंत्रित करता है। कोई भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भारतीय बाजार को केवल खेल के मैदान के रूप में नहीं देख सकता। सोशल मीडिया कंटेंट को विनियमित करने की आवश्यकता है। हम कानूनों द्वारा शासित समाज हैं। व्यवस्था लोकतंत्र की संरचना है। याचिकाकर्ता का प्लेटफॉर्म (एक्स) अमेरिका में एक नियामक व्यवस्था के अधीन है, ये वहां के कानूनों का पालन करता है मगर भारत में लागू आदेशों को मानने से इन्कार कर रहा है। अत: याचिका खारिज की जाती है। 

यह भी पढ़ें -

IBPS PO Prelims Result 2025: ibps.in से स्कोर कार्ड और Merit List डाउनलोड करने के लिए फॉलो करें ये 5 स्टेप

RRB NTPC Vacancy 2025: रेलवे में बंपर भर्ती, आरआरबी एनटीपीसी में 8875 पदों पर वैकेंसी का नोटिस जारी 
 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत