1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. अमृतपाल सिंह के पास से मोबाइल-कैमरा बरामद, डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल का अधीक्षक गिरफ्तार

अमृतपाल सिंह के पास से मोबाइल-कैमरा बरामद, डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल का अधीक्षक गिरफ्तार

 Written By: Subhash Kumar @ImSubhashojha
 Published : Mar 08, 2024 12:00 pm IST,  Updated : Mar 08, 2024 12:17 pm IST

जेल में बंद वारिस पंजाब दे के प्रमुख और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह जानकारी के मुताबिक, 17 फरवरी को डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद अमृतपाल के पास से मोबाइल, जासूसी कैमरे समेत कई अन्य चीजें बरामद की गई थीं।

डिब्रूगढ़ जेल में बड़ा बवाल। - India TV Hindi
डिब्रूगढ़ जेल में बड़ा बवाल। Image Source : PTI

वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख और खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह इस वक्त असम में स्थित डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है। हालांकि, इस जेल से एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। ANI की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जेल में बंद अमृतपाल के पास से मोबाइल फोन और एक जासूसी कैमरे समेत कई सामान बरामद किए गए थे। अब इस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। आइए जानते हैं क्या है ये पूरा मामला। 

जेल अधीक्षक गिरफ्तार

जानकारी के मुताबिक, 17 फरवरी को डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह की हिरासत से मोबाइल फोन और एक जासूसी कैमरे सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी। अब इस मामले में कार्रवाई करते हुए डिब्रूगढ़ पुलिस ने केंद्रीय डिब्रूगढ़ जेल के अधीक्षक निपेन दास को गिरफ्तार कर लिया है। इस खबर की पुष्टि डिब्रूगढ़ के एसपी वीवीआर रेड्डी ने की है। 

बीते साल अप्रैल में गिरफ्तार हुआ था अमृतपाल

पंजाब पुलिस ने बीते साल अप्रैल महीने में खालिस्तान समर्थक कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह को रोडे गांव (भिंडरावाले के पैतृक गांव) से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस को उसकी गिरफ्तारी के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। करीब एक महीने तक फरार रहने के बाद अमृतपाल को पकड़ा गया। इसके बाद उसे पंजाब से डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया था। 

अजनाला थाने पर बोला था धावा

कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह ने अपने एक गिरफ्तार सहयोगी की रिहाई के लिए अजनाला पुलिस थाने पर उसके समर्थकों के साथ धावा बोल दिया था। अमृतपाल सिंह और उसके साथियों की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तारी हुई है। अमृतपाल पुलिस के शिकंजे में 36 दिन बाद आया था। वो 18 मार्च से ही अजनाला से फरार चल रहा था। 23 अप्रैल को मोगा में मिला।

ये भी पढ़ें- इस बड़े शहर में छिपा हो सकता है बेंगलुरु ब्लास्ट का आरोपी! NIA ने जताई आशंका


सीबीआई ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग के बड़े रैकेट का किया भंडाफोड़, 7 राज्यों में मारे छापे

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत