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टूरिस्ट वीजा पर आए विदेशी दे रहे थे 'ड्रोन वॉरफेयर' की ट्रेनिंग, NIA की जांच में चौंकाने वाला खुलासा

Edited By: Niraj Kumar @nirajkavikumar1 Published : Mar 17, 2026 10:48 pm IST, Updated : Mar 17, 2026 10:50 pm IST

जानकारी के मुताबिक 14 यूक्रेनी नागरिक अलग-अलग तारीखों पर टूरिस्ट वीज़ा पर भारत में दाखिल हुए थे। ये लोग मिजोरम होते हुए म्यांमार में दाखिल हुए और कई ट्रेनिंग सेशन आयोजित किया।

NIA- India TV Hindi
Image Source : PTI एनआईए

नई दिल्ली:  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन विदेशी नागरिकों पर भारतीय सीमा का अवैध रूप से इस्तेमाल कर नॉर्थ-ईस्ट के उग्रवादी संगठनों को आधुनिक युद्ध की ट्रेनिंग देने का आरोप है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर 13 मार्च 2026 को इन सभी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

टूरिस्ट वीजा पर भारत में दाखिल हुए थे यूक्रेनी नागरिक

जांच के नतीजों से पता चला है कि 14 यूक्रेनी नागरिक अलग-अलग तारीखों पर टूरिस्ट वीज़ा पर भारत में दाखिल हुए थे। बताया जा रहा है कि वे गुवाहाटी गए और बाद में बिना RAP/PAP जैसे ज़रूरी परमिट लिए मिज़ोरम चले गए। मिज़ोरम से इन लोगों ने कथित तौर पर अवैध रूप से म्यांमार में घुसपैठ की। आरोपी म्यांमार स्थित जातीय सशस्त्र समूहों (EAGs) के लिए पहले से तय ट्रेनिंग आयोजित करने में शामिल थे।

कोलकाता, लखनऊ और दिल्ली से गिरफ्तारी

इस दौरान आधुनिक युद्ध जैसे ड्रोन वॉरफेयर, ड्रोन को जोड़ने और जैमिंग टेक्नोलॉजी की भी ट्रेनिंग दी गई। इन समूहों के भारत में सक्रिय आतंकवादी संगठनों और विद्रोही नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है। जानकारी के मुताबिक कोलकाता हवाई अड्डे पर एक अमेरिकी नागरिक को हिरासत में लिया गया। लखनऊ हवाई अड्डे पर तीन यूक्रेनी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। जबकिदिल्ली हवाई अड्डे पर तीन और यूक्रेनियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मिजोरम के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार की यात्रा की और आधुनिक युद्ध के कई ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए। साथ ही यूरोप से भारत के रास्ते म्यांमार तक ड्रोन की खेप की अवैध तस्करी में मदद भी की।

प्रतिबंधित गुटों को समर्थन देने का संदेह

NIA सूत्रों के अनुसार म्यांमार स्थित ये समूह भारत में प्रतिबंधित विद्रोही गुटों का भी समर्थन करते हैं। ये समूह उन्हें हथियार, साजो-सामान और ट्रेनिंग मुहैया कराते हैं, जिससे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होता है। जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डायक भी शामिल है जो कि बाल्टीमोर का रहनेवाला है। वह खुद को मिलिट्री कॉन्ट्रैक्टिंग फर्म 'संस ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल' (SOLI) का संस्थापक बताता है। वह 2011 में लीबिया के गृहयुद्ध के दौरान युद्धबंदी भी रह चुका है। इसके अलावा छह यूक्रेनी नागरिकों, हुर्बा पेट्रो, स्लीविक तारास, इवान सुकमैनोव्स्की, स्टीफनकिवा मैरियन, होंचारुक मकसिम और कामस्की विक्टर को भी हिरासत में लिया गया है।

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