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पहलगाम आतंकी हमला: NIA की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, टूरिस्ट गाइड चाहते तो बच सकती थी 26 लोगों की जान, 'लंगड़ा' ही निकला मास्टरमाइंड

 Reported By: Kumar Sonu, Edited By: Kajal Kumari
 Published : May 21, 2026 11:43 am IST,  Updated : May 21, 2026 12:31 pm IST

पहलगाम आतंकी हमले की NIA चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक टूरिस्ट गाइड ने हमले से संबंधित कई जानकारियां दी हैं। अगर ये लोकल टूरिस्ट गाइड चाहते तो 26 लोगों की जान बचाई जा सकती थी। जानें क्या क्या खुलासे हुए हैं?

पहलगाम आतंकी हमला- India TV Hindi
पहलगाम आतंकी हमला Image Source : REPORTER

पहलगाम आतंकी हमले की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। NIA सूत्रों के मुताबिक अगर परवेज और बशीर नाम के टूरिस्ट गाइड चाहते तो 26 बेकसूर लोगों की जान बच सकती थी। पहलगाम में 26 लोगों का खून बहाने से एक दिन पहले तीनों आतंकियों फैजल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ छोटू, हमजा अफगानी ने परवेज के इस ढोंक (झोपड़ी) में अल्लाह के नाम मदद मांगी, रोटी खाई, चाय पी और जाते जाते रोटी, सब्जी, हल्दी और नमक समेत पतीला और करछी भी अपने साथ ले गए थे। 

NIA सूत्रों के मुताबिक हमले से कुछ घंटों पहले भी परवेज और बशीर ने तीनों आतंकियों को बैसरन पार्क के बाहर फेंस पर बैठे देखा था। सूत्रों के मुताबिक पहलगाम के रहने वाले परवेज और बशीर अहमद वक्त रहते पुलिस और सुरक्षा बलों को जानकारी दे देते तो पहलगाम हमला नहीं होता। टूरिस्ट गाइड परवेज और बशीर ने यह बात कबूल की है कि पहलगाम हमले मैं शामिल तीनों आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा, और कश्मीर में सुरक्षा बलों के कैंप सुरक्षा बलों की मूवमेंट के बारे में पूछताछ की थी।

टूरिस्ट गाइड बशीर से आतंकियों ने की थी बातचीत

सूत्रों के मुताबिक कश्मीर टूरिस्ट गाइड का काम करने वाले बशीर अहमद ने इस बात को कबूल किया है कि 21 अप्रैल को तीनों आतंकवादियों को उसने देखा था आतंकियों ने बशीर से उन्हें किसी सुरक्षित जगह पर ले जाने के लिए भी कहा था। जिसके बाद बशीर ने तीनों आतंकियों को एक पेड़ के नीचे रुकने को कहा उसके बाद बशीर अपने साथी परवेज के ढोंक पर गया और परवेज और उसकी पत्नी को चुप रहने को कहा। NIA सूत्रों के मुताबिक उसी शाम 5 बजे बशीर तीनों आतंकियों को इशारे से परवेज की ढोंक के अंदर बुलाता है।

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Image Source : INDIA TVपहलगाम पर बेनकाब हुआ पाकिस्तान।

NIA सूत्रों के मुताबिक परवेज की ढोंक के अंदर जाते समय आतंकियों के हाथ में हथियार थे और तीनों आतंकी उर्दू में बात कर रहे थे जबकि उनका लहजा पंजाबी बोली का था बशीर हुलिया देख कर समझ गया था कि वो मुजाहिद हैं, इसके बाद तीनों आतंकियों ने कहा कि वह थके हुए हैं और उसके बाद तीनों आतंकियों ने परवेज से पीने के लिए पानी मांगा और अल्लाह के नाम पर उनकी मदद करने को कहा। सूत्रों के मुताबिक परवेज और बशीर तीनों आतंकियों की पूरी मदद करते हैं, उन्हें पानी पिलाते हैं, चाय पिलाते हैं और उसके बाद खाना भी खिलाते हैं। इस दौरान तीनों आतंकी आपस में और परवेज और बशीर से घंटों बातचीत करते रहे।

आतंकियों ने बशीर और परवेज को दिए थे पैसे

NIA के सूत्रों के मुताबिक 5 घंटे तक आतंकी परवेज की  ढोंक में रुके थे और रात 10 बजे ढोंक से चले गए। जाते जाते तीनों आतंकियों फैजल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ छोटू, हमजा अफगानी को परवेज और बशीर खाना पैक करके भी दिया। तीनों आतंकियों ने उनकी मदद करने के बदले परवेज और बशीर को 3000 रुपए भी दिए थे। इतना ही नहीं परवेज और बशीर ने 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में आतंकी हमले से कुछ घंटे पहले उन्हीं तीनों आतंकियों को बैसरन पार्क के बाहर फेंस पर बैठे हुए देखा था। 

परवेज और बशीर ने खुलासा किया है कि दोनों 2 टूरिस्ट को लेकर 22 अप्रैल को बैसरन पार्क गए थे, और जब टूरिस्ट को लेकर वापस लौटने लगे तभी तीनों आतंकियों को देखा था। जब दोनों बैसरन पार्क से नीचे पहलगाम पहुंचे तब ऊपर आतंकी हमला हो गया था जिसके बाद वो दोनों खामोशी से अंडरग्राउंड हो गए थे। यानी ये साफ है कि पहलगाम हमले में धर्म पूछकर लोगों का खून बहाने वाले तीनों आतंकियों को लोकल मदद मिली थी।

टूरिस्ट गाइड
Image Source : REPORTERटूरिस्ट गाइड

पाकिस्तान ने रची थी 'Flase Flag' वाली साजिश

पहलगाम हमले के बाद TRF ने  Kashmir fight नाम के टेलीग्राम चैनल से जिम्मेदारी ली थी। NIA ने पहलगाम हमले की जांच के दौरान पाया कि उस टेलीग्राम चैनल को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनखा से ऑपरेट किया जा रहा था।  Kashmir fight - IP address - 223.123.85.41, Location -  Battagram (Khaibar Pakhtunkh - Pakistan) 

TRF ने पहले तो पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली लेकिन यूनाइटेड नेशंस सेक्यूरिटी काउंसिल ने जब हमले की निंदा की तो TRF ने दावा किया कि उनका चैनल किसी ने हैक कर लिया था और बाद में TRF ने चैनल हैक होने का दावा करते हुए हमले में TRF के हाथ होने से इनकार कर दिया। NIA ने 'TheResistanceFront_OfFcial" टेलीग्राम चैनल की जांच की तो पता चला कि ये चैनल भी पाकिस्तान के रावलपिंडी से ऑपरेट किया जा रहा था। इस तरह पहलगाम हमले के बाद लश्कर ए तोयबा और पाकिस्तानी डीप एस्टेट ने इंडियन एजेंसी को भटकाने के लिए Flase Flag का Narrative गढ़ने की नाकाम साजिश की थी।

पाकिस्तान में खरीदे मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे आतंकी 

सूत्रों के मुताबिक पहलगाम हमले में शामिल 2 आतंकी पाकिस्तान में खरीदे गए मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। ऑपरेशन महादेव में मारे गए पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकियों के पास से 2 मोबाइल फोन सिक्योरिटी फोर्सेज ने बरामद किए थे। 

सूत्रों के मुताबिक NIA ने मारे गए आतंकियों के पास से बरामद हुए मोबाइल फोनो का ब्योरा निकाला तो पता चला कि एक मोबाइल जिसका IMEI नंबर 865792067481628/865792067481636 पाकिस्तान के लाहौर के कोट लखपथ इलाके के कायद-ए आजम इंडस्ट्रियल एस्टेट (Adress - 109- M, C-10) के पते पर ऑनलाइन खरीदा गया था, जबकि दूसरे मोबाइल फोन का IMEI नंबर- 867906051958387/867906051958395 था। 

दूसरा मोबाइल फोन पाकिस्तान के कराची में St/02, Faysal House  Main Branch, Shahrah के पते पर ऑनलाइन खरीदा गया था। जिससे साफ होता है कि मारे गए आतंकी न सिर्फ पाकिस्तान में खरीदे गए फोन का इस्तेमाल कर रहे थे बल्कि पूरी साजिश भी पाकिस्तान में रची गई थी

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Image Source : INDIA TVसैफुल्लाह उर्फ लंगड़ा है पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड।

लश्कर का लंगड़ा निकला पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड

सूत्रों के मुताबिक पहलगाम हमले की चार्जशीट में NIA ने लश्कर के मोस्ट वांटेड आतंकी सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा को आरोपी नंबर एक बनाया है। NIA ने अपनी चार्जशीट में सैफुल्लाह साजिद जट्ट की तस्वीर भी लगाई है। सूत्रों के मुताबिक NIA ने साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा की फोटो की पहचान कश्मीर में रह रहे उसके बेटे से कराई थी। NIA के सूत्रों के मुताबिक सैफुल्लाह साजिद इस समय पाकिस्तान के लाहौर में है।  NIA के सूत्रों के मुताबिक सैफुल्लाह साजिद उर्फ लंगड़ा ही पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकियों को गाइड कर रहा था उन तीनों आतंकियों के लगातार संपर्क में था। 

NIA के सूत्रों के मुताबिक सैफुल्लाह साजिद ही पहलगाम में हमला करने वाली तीनों आतंकियों का हैंडलर था। सूत्रों के मुताबिक पहलगाम हमले के दौरान लाहौर में बैठा सैफुल्लाह साजिद जट्ट रियल टाइम में लगातार तीनों आतंकियों से बातचीत कर रहा था और उनको कॉर्डिनेट भेज रहा था सूत्रों के मुताबिक सैफुल्लाह साजिद उर्फ लंगड़ा के पैर में गोली लगी थी जिसके करण उसे अपनी एक टांग कटवानी पड़ी थी और इसीलिए उसे लश्कर में लंगड़ा नाम से भी जानते हैं।

नकली टांग का इस्तेमाल करता है सैफुल्लाह उर्फ 'लंगड़ा'

सैफुल्लाह साजिद नकली टांग (Prosthetic limb) का इस्तेमाल करता है। NIA के सूत्रों के मुताबिक साल 2005 में साजिद ने भारतीय सीमा से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की थी और उसके बाद साजिद ने साउथ कश्मीर में लोकल लोगों का ब्रेन वाश करके लश्कर ए तोयबा का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था। अगस्त 2019 में कश्मीर से धारा 370 खत्म होने के बाद साजिद ने लश्कर के प्रॉक्सी संगठन TRF ( The Resistance Front) को खड़ा करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। 

साजिद जट्ट साल 2005 से 2007 तक कश्मीर के कुलगाम में रहा था जहां उसने  वहीं की रहने वाली शब्बीरा नाम की महिला से शादी की, शादी के बाद साजिद को बेटा भी हुआ। NIA के सूत्रों के मुताबिक साजिद अपनी बीवी के साथ पाकिस्तान फरार हो गया था लेकिन उसका बेटा आज भी कश्मीर में रहता है। सूत्रों के मुताबिक साल 2017 में साजिद जट्ट का ससुर पाकिस्तान गया था जहां उसकी मुलाकात साजिद से हुई थी। NIA के सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी ने साजिद जट्ट के बेटे का बयान दर्ज किया और साजिद जट्ट के फोटो की पहचान करवाई और उसी तस्वीर को NIA ने चार्जशीट का हिस्सा बनाया है।

लश्कर के आतंकी सैफुल्लाह साजिद पर 10 लाख का इनाम

सूत्रों के मुताबिक साजिद जट्ट ने कुलगाम में रहते हुए OGW का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था और इसी नेटवर्क के दम पर वो कश्मीर में बड़े बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देता आ रहा है और पहलगाम हमला भी इसी मॉड्यूल का हिस्सा था।साजिद ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से लगातार हथियारों को जम्मू कश्मीर में भिजवा रहा है जिसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक 15-16 अप्रैल को पाकिस्तान के लाहौर में बैठे साजिद ने तीनों आतंकियों को बेसरन घाटी के पास की लोकेशन  भेजी थी।  जिससे ये साफ हो गया है कि पहलगाम हमले को अंजाम देने की साजिश 15- 16 अप्रैल को ही रची गई थी। NIA ने लश्कर के आतंकी सैफुल्लाह साजिद पर 10 लाख का इनाम रखा हुआ है। 

कश्मीर में सिक्योरिटी फोर्सेज, नॉन लोकल कश्मीरियों पर हुए हमले समेत कई बड़े आतंकी हमलों में इसका रोल रहा है और ये लगातार लाहौर में बैठकर आतंकी हमलों को अंजाम दे रहा है। लश्कर के आतंकी सैफुल्लाह साजिद का नाम इंडिया के 3 मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में शामिल है। सूत्रों के मुताबिक साजिद जट्ट का जन्म पाकिस्तान के कसूर में हुआ था।

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