Mumbai Bandra Violence: मुंबई के बांद्रा में बीते बुधवार को गरीब नगर इलाके में बुलडोजर एक्शन के दौरान भयंकर बवाल हुआ। उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी कर दी। इस बवाल में 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए। अब इस मामले में एक्शन हुआ है और पुलिस ने 10 पत्थरबाजों को हिरासत में ले लिया गया है। इस खबर में जानें कि बांद्रा में बवाल कैसे हुआ।
कैसे भड़काई गई हिंसा?
यहां बुलडोजर एक्शन को लेकर झूठी अफवाहें फैलाई गईं। रील बनाकर वीडियो सर्कुलेट किया गया जिसमें कहा गया कि सिर्फ मस्जिदों को गिराया जा रहा है। और इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने लिए कहा गया था। दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो के वायरल होने के बाद मस्जिद के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और हंगामा करने लगी।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने 100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने BNS की धाराएं 61(2) 109, 121 (1) 121 (2), 132, 189 (2), 189 (3), 191 (2), 191 (3), 190, रेलवे पुलिस एक्ट 146 और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान (अधिनियम की धारा 3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही, पुलिसवालों पर हमला करने वाले 10 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
बांद्रा में खाली कराई जा रही है रेलवे की जमीन
FIR के मुताबिक, यह घटना 20 मई को बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन के पास गरीब नगर इलाके में गैर-कानूनी स्ट्रक्चर हटाने के एक ऑपरेशन के दौरान हुई। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेशों और तोड़फोड़ के तय शेड्यूल से जुड़े निर्देशों के बाद की जा रही थी। अधिकारियों ने ऑपरेशन के दौरान मुंबई पुलिस, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF), होम गार्ड और दूसरे स्टाफ को तैनात किया था।
बार-बार समझाने पर भी नहीं मिली पुलिस
शिकायत के मुताबिक, जब अधिकारी तोड़फोड़ की कार्रवाई कर रहे थे, तो मौके पर लगभग 100 से 150 लोगों की भीड़ जमा हो गई और विरोध करने लगी। पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर बार-बार अनाउंसमेंट कर लोगों से शांति से हटने के लिए कहा। लेकिन भीड़ गुस्से में आ गई और ऑपरेशन में रुकावट डालने की कोशिश की।
भीड़ ने पुलिस के खिलाफ लगाए नारे
FIR में आगे दावा किया गया है कि भीड़ में से कुछ लोगों ने नारे लगाने शुरू कर दिए और कहा जा रहा है कि उन्होंने अशांति फैलाकर तोड़-फोड़ का काम रोकने की कोशिश की। इस अफरा-तफरी के दौरान, साइट पर मौजूद पुलिसवालों और अधिकारियों पर पत्थर और दूसरी चीजें फेंकी गईं, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। बाद में पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए हल्का बल इस्तेमाल किया और कई लोगों को हिरासत में लिया।
हमले में कई पुलिसकर्मी हो गए घायल
खबर है कि इस घटना में कई पुलिसवाले घायल हो गए। शिकायत में खासतौर पर ऑपरेशन के दौरान तैनात पुलिसवालों और सिक्योरिटी स्टाफ को लगी चोटों का जिक्र है। बाद में घायल अधिकारियों को मेडिकल ट्रीटमेंट दिया गया। पुलिस ने FIR में 10 आरोपियों के नाम लिए हैं और उन पर गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने, दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी करने से रोकने, पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले से जुड़े अलग-अलग चार्ज लगाए हैं। मामले की जांच चल रही है।
अधिकारी, हिंसा में कथित तौर पर शामिल और लोगों की पहचान करने के लिए CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों की भी जांच कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि आगे कानून-व्यवस्था की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए इलाके में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है।