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Rajat Sharma's Blog | बच्चों पर सोशल मीडिया बैन काफ़ी नहीं: मां-बाप खुद को सुधारें

Written By: Rajat Sharma @RajatSharmaLive Published : Nov 09, 2024 11:42 am IST, Updated : Nov 09, 2024 08:52 pm IST

पूरी दुनिया में इस बात को लेकर चिंता है कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से, डिजिटल मीडिया से बच्चों का कितना नुकसान होता है और ये चिंता जायज़ है लेकिन हमें ये याद रखना चाहिए कि नुकसान तो बड़ों का भी होता है।

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Image Source : INDIA TV इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।

ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर बैन लगाने का फ़ैसला किया है। थनी अल्बनीस की सरकार इस बारे में एक क़ानून इसी महीने ऑस्ट्रेलिया की संसद में पेश करने जा रही है। स नए क़ानून का एलान करते हुए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने कहा कि बच्चों पर सोशल मीडिया का बहुत बुरा असर पड़ रहा है और उन्होंने बहुत से माता-पिताओं, अभिभावकों, विशेषज्ञों और बच्चों से बात करने के बाद ये फैसला किया है।

इस नए कानून के तहत, सोशल मीडिया को 16 साल तक के बच्चों के लिए बैन लागू करने की जिम्मेदारी सोशल मीडिया कंपनियों की होगी। 16 साल तक के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने वाला ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश होगा। अल्बनीस ने कहा कि 'सोशल मीडिया हमारे बच्चों को बहुत नुक़सान पहुंचा रहा है और अब मैं इसको बंद करने जा रहा हूं। मैंने हजारों अभिभावकों से बात की है। मेरी तरह वो भी ऑनलाइन दुनिया में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हैं, और मैं ऑस्ट्रेलिया के अभिभावकों और परिवारों को ये बताना चाहता हूं कि अब सरकार उनके साथ है। अब अभिभावक अपने बच्चों से कह सकेंगे कि सोशल मीडिया उनके लिए नहीं है। कानून उनको इसकी इजाज़त नहीं देता।'

पूरी दुनिया में इस बात को लेकर चिंता है कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से, डिजिटल मीडिया से बच्चों का कितना नुकसान होता है और ये चिंता जायज़ है लेकिन हमें ये याद रखना चाहिए कि नुकसान तो बड़ों का भी होता है, दूरियां तो मां-बाप में भी बनती हैं और बच्चे इसी से सीखते हैं। घर में एक कमरे में चार लोग बैठे होते हैं, आपस में बात करने की बजाय सब फोन देखने और मैसेज भेजने में लगे रहते हैं। इसीलिए कानून बनाने से कुछ नहीं होगा।

अगर बच्चों को इस त्रासदी से बचाना है तो मां-बाप को अपने ऊपर भी पाबंदी लगानी होगी, उन्हें अपने मोबाइल और डिजिटल मीडिया के इस्तेमाल पर कंट्रोल करना होगा। तभी वो बच्चों को समझा पाएंगे। आजकल तो जब बच्चा रोता है, तो मां-बाप उसे चुप कराने के लिए प्यार करने की बजाय उसके हाथ में मोबाइल फोन पकड़ा देते हैं। जबतक हम ऐसी आदतों से बाज नहीं आएंगे तब तक बच्चों को मोबाइल फोन के इस्तेमाल से नहीं रोक पाएंगे। (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 08 नवंबर, 2024 का पूरा एपिसोड

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