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'दूसरी शादी और लिव-इन रिलेशनशिप' पर क्या बोले सीएम धामी? जानिए उत्तरखांड में UCC लागू होते ही अब क्या है नियम

 Published : Jan 27, 2025 08:37 pm IST,  Updated : Jan 27, 2025 08:46 pm IST

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होते ही यूसीसी पोर्टल पर सबसे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विवाह का रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके साथ ही उन्होंने दूसरी शादी और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर यूसीसी के नियमों पर अपनी बात रखी है।

उत्तराखंड में लागू हुआ UCC- India TV Hindi
उत्तराखंड में लागू हुआ UCC Image Source : FILE PHOTO AND META AI

उत्तराखंड में सोमवार को समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू कर दिया गया। इसके साथ ही उत्तराखंड स्वतंत्र भारत में ऐसा करने वाला पहला राज्य बन गया है। देहरादून के मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिसूचना जारी कर यूसीसी को लागू किया।

UCC पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की हुई शुरुआत

इस दौरान मुख्यमंत्री ने इसके क्रियान्वयन के लिए नियमावली तथा विवाह, तलाक, सहवासी संबंध के अनिवार्य ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए एक पोर्टल की शुरुआत की। यूसीसी पोर्टल पर सबसे पहले सीएम धामी ने अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन कराया है।

सुरक्षा की दृष्टि से है अनिवार्य

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कहा कि उत्तराखंड में आज से लागू समान नागरिक संहिता (UCC) के तहत सहजीवन (लिव-इन) संबंध का पंजीकरण राज्य में रहने वाले जोड़े की सुरक्षा के दृष्टिकोण से अनिवार्य बनाया गया है। यहां यूसीसी को लागू करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘लिव-इन’ संबंध के पंजीकरण को अनिवार्य बनाए जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि यह जोड़े की निजता को समाप्त करने का प्रयास है।

जब तक जीवनसाथी जीवित है, नहीं हो सकती दूसरी शादी

सीएम धामी ने कहा कि किसी भी धर्म के व्यक्ति को तब तक दूसरी शादी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक कि उसका जीवनसाथी जीवित है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों में बेटियों को संपत्ति में समान अधिकार मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप को पंजीकृत कराना होगा। रजिस्ट्रार जोड़े के माता-पिता को सूचित करेगा। उन्होंने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप से पैदा हुए बच्चों को भी समान संपत्ति का अधिकार मिलेगा।

‘लिव-इन रिलेशनशिप’ का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

सीएम धामी ने जोर देकर कहा कि युवक और युवतियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा, ‘हमारा उददेश्य किसी की निजता को समाप्त करना नहीं है बल्कि हमारा मकसद केवल और केवल उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।’ 

दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड का दिया उदाहरण

उन्होंने कहा कि ‘लिव-इन’ संबंध जब खराब होते हैं तो प्रेमी जोड़े में मारपीट और हिंसक घटनाएं होने लगती हैं और अनेक बार हत्याएं तक हो जाती हैं। इस संबंध में उन्होंने 2022 में दिल्ली में हुए श्रद्धा वालकर हत्याकांड का उदाहरण दिया जिसमें उसके साथ ‘लिव-इन’ में रहने वाले युवक आफताब ने उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर कथित तौर पर उसे फ्रिज में छिपा दिए थे। 

प्रेमी जोड़ों की जानकारी रखी जाएगी गोपनीय

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमारा यह भी उददेश्य है कि अब श्रद्धा वालकर जैसी किसी बेटी या बहन के साथ कोई आफताब हैवानियत न कर सके।’ सीएम धामी ने कहा कि पंजीकरण कराने वाले लिव-इन में रह रहे प्रेमी जोड़ों की जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। 

पीटीआई के इनपुट के साथ

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