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उपराष्ट्रपति चुनाव में 'इंडिया' ब्लॉक को बड़ा झटका, जानिए किस पार्टी के कितने सांसदों का वोट हुआ अमान्य

 Reported By: Vijai Laxmi Edited By: Malaika Imam
 Published : Sep 10, 2025 02:22 pm IST,  Updated : Sep 10, 2025 04:01 pm IST

उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद विपक्षी गठबंधन को एक और झटका लगा है। 'इंडिया' गठबंधन के 10 से अधिक सांसदों के वोट को अमान्य बताया गया है।

उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित- India TV Hindi
उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित Image Source : PTI

उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे एनडीए के पक्ष में रहे। चौंकाने वाले नतीजे आने के बाद विपक्षी गठबंधन को एक और बड़ा झटका लगा है। सूत्रों के अनुसार, 'इंडिया' गठबंधन के 10 से अधिक सांसदों के वोट अमान्य करार किए गए हैं। इनमें इन पार्टियों के सांसदों के वोट को अमान्य बताए गए हैं-

आम आदमी पार्टी (AAP): 3 सांसद

राष्ट्रीय जनता दल (RJD): 2 सांसद

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM): 1 सांसद

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे): 2 सांसद

इसके अलावा, कुछ अन्य सांसदों के वोटों में भी अनियमितता पाई गई है। माना जा रहा है कि इन सांसदों ने गठबंधन के उम्मीदवार को वोट गलत तरीके से मतदान किया है।

सीपी राधाकृष्णन को मिली जीत

बता दें कि चुनाव नतीजे में NDA से सीपी राधाकृष्णन को नंबर गेम से ज्यादा वोट मिले, जबकि 'इंडिया' ब्लॉक के बी. सुदर्शन रेड्डी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। राधाकृष्णन ने 152 वोटों की मार्जिन से सुदर्शन रेड्डी को शिकस्त दी। सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। संसद की मौजूदा संख्या बल के हिसाब से एनडीए के 427 और 'इंडिया' ब्लॉक के 315 वोट थे।

राष्ट्रवादी विचारधारा की जीत बताया

वहीं, अपनी जीत को सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रवादी विचारधारा की जीत बताया और 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम करने का संकल्प जताया। उन्होंने जीत के बाद अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी में कहा, "दूसरे पक्ष (विपक्षी गठबंधन) ने कहा कि यह (चुनाव) एक वैचारिक लड़ाई है, लेकिन मतदान के पैटर्न से हमें लगता है कि राष्ट्रवादी विचारधारा विजयी हुई है।" 

उन्होंने कहा, "यह हर भारतीय की जीत है, हम सभी को मिलकर काम करना होगा। अगर हमें 2047 तक विकसित भारत बनाना है तो विकास पर ध्यान केंद्रित करना होगा।" राधाकृष्णन ने कहा कि अपनी नयी भूमिका में वह राष्ट्र के विकास के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे। 

उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही महत्वपूर्ण होते हैं। ये एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। लोकतंत्र के हित को ध्यान में रखा जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हर पद महत्वपूर्ण है और हर पद की अपनी सीमाएं होती हैं। हमको यह समझना होगा कि हमें इसी दायरे में काम करना है।’’ (भाषा इनपुट के साथ)

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