1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. 1 जनवरी सबका नया साल नहीं! जानिए आधी दुनिया कब और कैसे मनाती है अपना न्यू ईयर?

1 जनवरी सबका नया साल नहीं! जानिए आधी दुनिया कब और कैसे मनाती है अपना न्यू ईयर?

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Jan 01, 2026 07:37 am IST,  Updated : Jan 01, 2026 07:37 am IST

नया साल एक नहीं, कई हैं। कोई सूर्य को फॉलो करने वाले कैंलेडर के हिसाब से चलता है तो कोई चांद वाले कैंलेंडर को मानता है। कुछ तो ऐसे भी हैं जिनका नया साल फसली चक्र तय करता है। आइए जानते हैं कि ऐसे कौन से लोग हैं जो 1 जनवरी को नया साल नहीं मनाते हैं।

New Year celebrations- India TV Hindi
1 जनवरी को आधी दुनिया क्यों नहीं मनाती नया साल? Image Source : AP

New Year 2026: 1 जनवरी सभी का न्यू ईयर नहीं है! जब दुनिया के ज्यादातर लोग 31 दिसंबर की रात काउंटडाउन करते हैं, पटाखे जलाते हैं और 1 जनवरी को नया साल मनाते हैं तभी विश्व की आधी से ज्यादा जनसंख्या के लिए यह तारीख बाकी दिनों जैसी आम होती है। दरअसल, अलग-अलग धर्मों, सभ्यताओं और परंपराओं में न्यू ईयर तय करने का पैमाना अलग है- कहीं ये सूर्य पर निर्भर करता है, कहीं चांद तो कहीं ये खेती के चक्र पर भी डिपेंड है। इस आर्टिकल में जानिए कि चीन, इजरायल, इस्लामी देश, इथियोपिया और भारत के अलग-अलग भागों में न्यू ईयर कब और कैसे मनता है।

चीन में चांद से तय होता है नया साल

चीन का न्यू ईयर जनवरी–मार्च के बीच होता है, इसकी तारीख हर साल बदल जाती है। यह चंद्र कैलेंडर पर बेस्ड होता है। इसको स्प्रिंग फेस्टिवल भी कहते हैं। ये उत्सव 15 दिन तक चलता है। इस दौरान, खूब सजावट की जाती है। ड्रैगन डांस होता है और जमकर आतिशबाजी की जाती है। चीन के अलावा यह फेस्टिवल कोरिया, वियतनाम और ताइवान सहित कई देशों में मनाया जाता है।

हिजरी कैलेंडर वाला न्यू ईयर मनाते हैं इस्लामी देश

इस्लामी देश अपना नया साल 1 मुहर्रम से मानते हैं, जो पूरी तरह से चंद्रमा पर आधारित कैलेंडर है। ग्रेगोरियन कैलेंडर से तुलना करें तो यह हर साल लगभग 10–11 दिन पहले खिसक जाता है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और इंडोनेशिया जैसे इस्लामी देशों में इसे माना जाता है। हिजरी कैलेंडर पैगंबर मुहम्मद की हिजरत से जुड़ा हुआ है जब वह 622 ईस्वी में मक्का से मदीना गए थे। उसी को हिजरी कैलेंडर को पहला साल माना जाता है।

इजरायल में रोश हशाना होता है न्यू ईयर

इजरायल में रहने वाले यहूदी लोग रोश हशाना को न्यू ईयर मनाते हैं, जो सितंबर–अक्टूबर के महीने में पड़ता है। जान लें कि यहूदी लूनिसोलर कैलेंडर पर आधारित नव वर्ष मनाते हैं। इस फेस्टिवल में सेब को शहद में डुबाया जाता है और मीठे साल की कामना की जाती है। यह प्रार्थना, क्षमा याचना और आत्मविश्लेषण का वक्त होता है।

8 साल पीछे है इथियोपिया का कैलेंडर

वहीं, इथियोपिया में न्यू ईयर 11 या 12 सितंबर को मनता है, जिसे एनकुटाटाश कहा जाता है। खास बात ये है कि यहां के कैलेंडर में 13 महीने होते हैं। जब यहां नया साल मनता है तो वर्षा ऋतु खत्म होने और फूलों के खिलने का वक्त होता है। यानी इथियोपिया के लोग दुनिया की घड़ी से अलग चलते हैं।

भारत में तो हैं कई नए साल

भारत में न्यू ईयर एक नहीं, कई हैं, जो ज्यादातर सौर या कृषि चक्र से जुड़े हुए हैं। इसमें पश्चिम बंगाल में मनाया जाने वाला न्यू ईयर पोहेला बोइसाख है जो अप्रैल में होता है। यह नई फसल का त्योहार है। वहीं, तमिलनाडु में नए साल के रूप में पोंगल मनाया जाता है। यह जनवरी महीने में होता है। इसमें सूर्य देव की पूजा होती है। यह त्योहार 4 दिन तक चलता है। वहीं, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में न्यू ईयर उगादी के रूप में मनाया जाता है जो हिंदू कैलेंडर के पहले दिन होता है। वहीं, महाराष्ट्र में इसे गुड़ी पड़वा के तौर पर सेलिब्रेट करते हैं।

तो न्यू ईयर सिर्फ तारीख नहीं, बल्कि संस्कृति की पहचान होती है। पश्चिमी दुनिया समेत ज्यादातर लोग यह 1 जनवरी, और एशिया व अफ्रीका में यह अलग-अलग कैलेंडर को फॉलो करके मनाया जाता है। कोई कैलेंडर सूर्य के हिसाब से चलता है तो कोई चांद को फॉलो करता है। यानी आप जब 1 जनवरी को अपना नया साल मना रहे होते हैं तो बाकी लोग अपने न्यू ईयर का इंतजार कर रहे होते हैं या पहले ही मना चुके होते हैं। नया साल एक नहीं बहुत सारे हैं, और यही हमारी दुनिया की खूबसूरती है।

ये भी पढ़ें- 

काशी-अयोध्या में 3 KM लंबी लाइनें, खाटूश्यामजी में घंटों इंतजार के बाद दर्शन; नए साल पर देशभर के मंदिरों में लगा भक्तों तांता

उत्तर प्रदेश पुलिस ने लोगों को अपने अंदाज में दी बधाई, एक बार आप भी देखिए

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत