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पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ 'भारत बंद' के बहाने विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, राहुल बोले- मिलकर BJP को हराएंगे

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Sep 10, 2018 03:49 pm IST,  Updated : Sep 10, 2018 03:49 pm IST

कांग्रेस द्वारा आहूत ‘भारत बंद’ के तहत आयोजित विरोध प्रदर्शन में ज्यादातर विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर आए। कांग्रेस का कहना है कि 16 दलों के नेताओं ने मंच साझा किया

Former Congress president Sonia Gandhi, former Prime...- India TV Hindi
Former Congress president Sonia Gandhi, former Prime Minister Manmohan Singh, Congress President Rahul Gandhi and others party leaders during 'Bharat Bandh' protest against fuel price hike and depreciation of the rupee, in New Delhi

नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में 16 विपक्षी दलों के नेताओं ने सोमवार को एक मंच पर आकर नरेंद्र मोदी सरकार को घेरा और आगामी लोकसभा चुनाव में एकजुट होकर लड़ने एवं भाजपा को हराने का आह्वान किया। कांग्रेस द्वारा आहूत ‘भारत बंद’ के तहत आयोजित विरोध प्रदर्शन में ज्यादातर विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर आए। कांग्रेस का कहना है कि 16 दलों के नेताओं ने मंच साझा किया, लेकिन पांच-छह अन्य पार्टियां भी अपने स्तर से ‘भारत बंद’ में शामिल हैं। विरोध प्रदर्शन में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की प्रमुख सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राकांपा प्रमुख शरद पवार और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए।

कैलाश मानसरोवर यात्रा से कल रात लौटे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं ने राजघाट से रामलीला मैदान तक मार्च भी किया। कांग्रेस के मुताबिक ‘भारत बंद’ में उसे समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), द्रमुक, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), जद(एस), आम आदमी पार्टी (आप), तेलुगू देसम पार्टी (तेदेपा), राष्ट्रीय लोक दल (रालोद), झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), नेशनल कान्फ्रेंस, झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (झाविमो-प्र), एआईयूडीएफ, केरल कांग्रेस (एम), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी), आईयूएमएल, स्वाभिमान पक्ष और लोकतांत्रिक जनता दल का समर्थन मिला। वैसे, वामपंथी दलों ने अपने स्तर से भी ‘भारत बंद’ का आह्वान कर रखा था।

राहुल गांधी ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और राफेल मामले को लेकर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और कहा कि 2019 में विपक्षी दल मिलकर भाजपा को हराएंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने पिछले साढ़े चार वर्षों में भारत के लोगों को आपस में लड़ाने का काम किया है। गांधी ने कहा, ''2014 में नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था। जनता ने भरोसा कर उनकी सरकार बनवायी। अब लोगों को साफ़ एहसास हो गया उन्होंने साढ़े चार साल में क्या किया।''

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ''मोदी जी सही कहते हैं कि जो उन्होंने साढ़े चार साल में वह किया जो 70 साल में नहीं हुआ । अब लोगों को पता चल गया है कि उन्होंने साढ़े चार साल में हिंदुस्तानियों को आपस में लड़वाया। एक राज्य को दूसरे राज्य से लड़वाया। जातियों को लड़वाया।'' गांधी ने दावा किया, ''महिलाओं पर अत्याचार होते रहे, पर प्रधानमंत्री ख़ामोश रहे। पूरे देश में मोदी जी पेट्रोल डीज़ल और गैस पर विपक्ष में रहते हुए खूब बोलते थे, लेकिन अब एक शब्द नहीं बोलते हैं।'' पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी सरकार पर वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए सभी विपक्षी दलों का 'देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।' उन्होंने कहा, ''अब इस बात की जरूरत है कि सभी राजनीतिक दल अपने पुराने सिलसिलों को पीछे छोड़कर एकजुट हों। भारत की जनता की पुकार सुनें। यह तभी संभव है जब हम छोटे-छोटे मुद्दों को छोड़कर आगे बढ़ेंगे। देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र को बचाने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। इसके लिए हमें तैयार होना चाहिए।''

प्रदर्शन में शामिल राकांपा प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि यह कहना देश का अपमान है कि पिछले 70 साल में कुछ नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में इस ‘जनविरोधी सरकार’ को सभी विपक्षी दल मिलकर हटाएंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘‘इस बंद में 21 पार्टियां में शामिल हैं। इस मंच पर 16 पार्टियों के नेता मौजूद हैं। लेकिन कुछ पार्टियों ने अपने-अपने राज्यों और यहां दिल्ली में भी अपने कार्यक्रम किए हैं। पूरा विपक्ष एकसाथ है।’’

रालोद के जयंत चौधरी ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार ने जनता के सपने को तोड़ने का काम किया है। देशभर में जनता इसके विरोध में सामने आई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी ने वादे किए थे, उसको देश भूला नहीं है। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पेट्रोल, डीजल, गैस और यूरिया के दाम कोई बात नहीं हुई। ये लोग अपने वादे भूल गए। चौधरी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए ताकि दाम कम हों। राजद के जयप्रकाश नारायण यादव ने कहा, ‘‘देश के नौजवानों, किसानों और दूसरे सभी वर्गों को सुनहरे सपने दिखाए गए थे। लेकिन आज सभी लोग परेशान हैं। जनता आने वाले चुनाव में इस सरकार को जरूर सबक सिखाएगी।’’ कांग्रेस ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के खिलाफ 'भारत बंद' बुलाया है।

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