1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. किसान आंदोलन: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला

किसान आंदोलन: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 12, 2020 02:57 pm IST,  Updated : Dec 12, 2020 02:58 pm IST

Farmer Protest: हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने राजधानी दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात की है।

किसान आंदोलन: रक्षा...- India TV Hindi
किसान आंदोलन: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला Image Source : TWITTER/ANI

नई दिल्ली. दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने राजधानी दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात की है। सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच कृषि कानूनों पर चर्चा हुई है। बता दें कि हरियाणा में किसान आंदोलन की वजह से दुष्यंत चौटाला की पार्टी JJP के विधायकों पर काफी दबाव है। कहा जा रहा है कि किसानों और सरकार के बीच में सहमति की वजह से भाजपा और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के बीच राजनीतिक खाई चौड़ी होती जा रही है।

अकाली दल ने बोला मोदी सरकार पर हमला

हाल ही में एनडीए छोड़ने वाले अकाली दल ने भाजपा पर बड़ा हमला किया है। अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने कहा, "बड़े दुख की बात है कि केंद्र सरकार किसानों के संघर्ष को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। जो भी केंद्र सरकार के साथ सहमत नहीं है उसे सरकार देशद्रोही कहती है। मैं केंद्र को कहना चाहता हूं कि जो किसान बैठे हैं इनका किसी धर्म के साथ संबंध नहीं है, ये अन्नदाता हैं।"

पीएम मोदी ने सुधारों को जरूरी बताया
पंजाब और हरियाणा के किसानों के आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सुधारों को बहुत जरूरी बताया है। उन्होंने कहा है कि एग्रीकल्चर और इससे जुड़े सेक्टर में खड़ीं दीवारों और अड़चनों को खत्म किया जा रहा है। जिससे कृषि क्षेत्र में ज्यादा निवेश आने से सबसे ज्यादा फायदा किसानों को होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की 93वीं वार्षिक आम बैठक में कहा, "एग्रीकल्चर सेक्टर और उससे जुड़े अन्य सेक्टर जैसे एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर हो, फूड प्रोसेसिंग हो, स्टोरेज हो, कोल्ड चैन हो इनके बीच हमने दीवारें देखी हैं। अब सभी दीवारें हटाई जा रही हैं, सभी अड़चनें हटाई जा रही हैं।"

उन्होंने कहा कि इन रिफॉर्म्स के बाद किसानों को नए बाजार मिलेंगे,नए विकल्प मिलेंगे, टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा, देश का कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिक होगा। इन सबसे कृषि क्षेत्र में ज्यादा निवेश होगा। इन सबका सबसे ज्यादा फायदा देश के किसान को होने वाला है। आज भारत के किसानों के पास अपनी फसल मंडियों के साथ ही बाहर भी बेचने का विकल्प है। आज भारत मे मंडियों का आधुनिकीकरण तो हो ही रहा है, किसानों को डिजिटल प्लेटफार्म पर फसल बेचने और खरीदने का भी विकल्प दिया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत