श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया है। आपको बता दें कि महबूबा मुफ्ती एवं सूबे के एक और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को उनके घरों में नजरबंद कर लिया गया है। कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है क्योंकि आतंकवादी धमकी और नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के साथ शत्रुता बढ़ने के बीच तड़के कश्मीर में कर्फ्यू लगाया जाएगा।
Related Stories
महबूबा बोलीं, महसूस हो रही वाजपेयीजी की कमी
महबूबा ने सोमवार रात को ट्वीट कर कहा कि आज उन्हें वाजपेयीजी की कमी सबसे ज्यादा महसूस हो रही है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि बीजेपी नेता होने के बावजूद वाजपेयीजी की कश्मीरियों के साथ सहानुभूति थी और इसके चलते उन्होंने कश्मीरियों का प्यार हासिल किया था। महबूबा ने आगे लिखा कि वह आज उनकी कमी को सबसे ज्यादा महसूस कर रही हैं। आपको बता दें कि वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने कश्मीर में शांति स्थापित करने के लिए जीतोड़ कोशिश की थी।
‘जबर्दस्ती लगाई गई धारा 144’
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताओं को नजरबंद किया गया है, इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है और जबर्दस्ती धारा 144 लगाई गई है। उन्होंने कहा कि यह सामान्य नहीं है। एक अन्य ट्वीट में महबूबा ने कहा, 'कैसी विडंबना है कि हमारे जैसे शांति के लिए लड़ने वाले जनप्रतिनिधियों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। दुनिया देख रही है कि जम्मू-कश्मीर में कैसे लोगों की आवाज को दबाया जा रहा है।' एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि जिन लोगों ने हम पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया है, उन्हें पता है कि हमारा डर गलत नहीं है।