चंडीगढ़: हरियाणा के कृषिमंत्री ओपी धनखड़ ने एक बार फिर से एक विवादित बयान देते हुए कहा है कि 'आत्महत्या करने वाले किसान कायर, अपराधी है'। उन्होंने कहा कि भारतीय कानून के हिसाब से आत्महत्या एक अपराध है। कोई भी आत्महत्या करने वाला व्यक्ति जिम्मेदारी से भागता है, अपने परिवार को छोड़कर चला जाता है, पत्नी पर बोझ छोड़कर चला जाता है, ऐसे लोग कायर होते हैं और सरकार जैसे कोई भी संस्था ऐसे कायर के साथ नहीं खड़ी हो सकती। सरकार किसी अपराध के साथ नहीं है और सरकार ऐसे अपराधी के साथ खड़ी नहीं हो सकती।
तमाम राजनीतिक दलों के नेता अब इस पर बयान की निंदा कर रहा है।
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि किसानों अपराधी नहीं कहा जाना चाहिए। यह असंवेदनहीन बयान है। उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवार से क्षमा मांगनी चाहिए।
वहीं दूसरी तरफ, ओपी धनखड़ ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उनहोंने कहा कि उन्होंने सुसाइड करने की बात को गलत बताया था जो कानून में भी अपराध है यानी उन्होंने कुछ गलत नहीं किया।
ओपी धनखड़ ने हरियाणा को वीरों की जमीन बताया और कहा कि किसानों के हितों में बड़े फैसले लिए जाने का दावा किया।
हरियाणा सरकार के कृषि मंत्री के विवादित बयान का विरोध आज संसद में भी हुआ। धनखड़ के इस विवादित बयान को राहुल गांधी ने संसद में उठाया। राहुल ने ओपी धनखड़ के बयान को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा और सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताया है।
धनखड़ जैसा ही मत राज्य के मख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का भी है और उनका भी मानना है कि जो किसान आत्महत्या कर रहे हैं उसके पीछे कई कारण हैं। धनखड़ पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं।