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संसद में गतिरोध बरकरार: क्या हमारे नेता राष्ट्रपति की बात सुनेंगे ?

 Written By: India TV News Desk
 Published : Dec 14, 2016 04:02 pm IST,  Updated : Dec 14, 2016 04:29 pm IST

नई दिल्ली: जब से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है तब से ही नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में गतिरोध जारी है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों के हंगामे

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pranab mukherjee

नई दिल्ली: जब से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है तब से ही नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में गतिरोध जारी है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों के हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित करनी पड़ती है। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है, इसिलए मैंने जनसभा में बोलने का फैसला लिया। वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर प्रहार करते हुए कहा, ‘अगर सरकार मुझे लोकसभा में बोलने दे तो आप देखिएगा, भूकंप आ जाएगा।’

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इस मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि सदन धरना-प्रदर्शन और ऐसी बाधा पैदा करने की जगह नहीं है जिसमें अल्पमत द्वारा बहुमत की आवाज दबा दी जाए। प्रणब ने सांसदों को बताया कि विपक्ष का काम सदन को बाधित करना नहीं, बल्कि चर्चा और कामकाज करना है। बता दें कि शीतकालीन सत्र खत्म होने में अब कुछ दिन बचे हैं, लेकिन अभी तक दोनों सदन ठीक से चल नहीं पाए हैं।

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PM मोदी ने क्या कहा?

पीएम मोदी ने गुजरात में एक रैली के दौरान नोटबंदी पर कहा, ''संसद चलने दी नहीं जा रही है। मुझे लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है, इसिलए मैंने जनसभा में बोलने का फैसला लिया। जो आज लाइन में खड़ा है वह ईमानदार अपने लिए नहीं, बल्कि देश के लिए खड़ा है। 50 दिन बाद हालात धीरे-धीरे सुधरेंगे।'' उन्होंने कहा, 'आपने देखा होगा कि संसद चल नहीं रही। संसद चलने दी नहीं जा रही है। देश के राष्ट्रपति जिन्हें इतना लंबा अनुभव है, शासन चलाने में जो श्रेष्ठतम रहे हैं, उनको सांसदों को टोकना पड़ा। विपक्ष का नाम लेकर बोलना पड़ा।'

राहुल गांधी ने क्या कहा?

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री काफी घबराये हुए हैं और मुझे यह जानकारी है कि सदन में मुझे नहीं बोलने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पॉप कंसर्ट में बोल रहे हैं, जनसभा में बोल रहे हैं लेकिन सदन में नहीं बोल रहे हैं। इतिहास में पहली बार सत्ता पक्ष के लोग चर्चा को रोक रहे हैं। आमतौर पर विपक्ष ऐसा करता रहा है और सत्ता पक्ष कामकाज चलाने का प्रयास करता है। प्रधानमंत्री बहाने बनाना छोड़कर सदन में आए और चर्चा हो। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व राहुल गांधी यह दावा कर चुके हैं कि अगर उन्हें नोटबंदी पर बोलने दिया जाता है तो भूकंप आ जायेगा।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने क्या कहा?

संसद में जारी गतिरोध के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सदन धरना-प्रदर्शन और ऐसी बाधा पैदा करने की जगह नहीं है जिसमें अल्पमत द्वारा बहुमत की आवाज दबा दी जाए। प्रणब ने सांसदों को बताया कि विपक्ष का काम सदन को बाधित करना नहीं, बल्कि चर्चा और कामकाज करना है।

उन्होंने कहा, 'संसदीय प्रणाली में कामकाज में बाधा डालना पूरी तरह अस्वीकार्य है। लोग अपने प्रतिनिधियों को बोलने के लिए भेजते हैं, धरना पर बैठने के लिए नहीं, और न ही सदन में दिक्कतें पैदा करने के लिए। नोटबंदी के लिए आप कोई और जगह चुन सकते हैं। लेकिन भगवान के लिए, अपना काम करें। आपको कामकाज करना होता है। आपको सदस्यों के अधिकारों का इस्तेमाल करने, खासकर लोकसभा सदस्यों को धन और वित्त के मुद्दे पर कामकाज में अपना वक्त देना होता है।'

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