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राजस्थान: अपनी ही सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल पर कांग्रेस विधायक

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 01, 2019 11:15 pm IST,  Updated : Jun 01, 2019 11:15 pm IST

कांग्रेस विधायक और पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरीश मीणा ने टोंक जिले में बुधवार को पुलिस द्वारा एक ट्रैक्टर चालक की पीट-पीटकर हत्या करने के विरोध में अपनी ही पार्टी की प्रदेश सरकार के खिलाफ शनिवार को अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।

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कांग्रेस विधायक हरीश मीणा

जयपुर: कांग्रेस विधायक और पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरीश मीणा ने टोंक जिले में बुधवार को पुलिस द्वारा एक ट्रैक्टर चालक की पीट-पीटकर हत्या करने के विरोध में अपनी ही पार्टी की प्रदेश सरकार के खिलाफ शनिवार को अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी ने मामले की जांच के लिए तीन-सदस्यीय समिति गठित की है।

हरीश मीणा ने आरोप लगाया कि भजनलाल मीणा को न्याय दिलाने के लिए पिछले तीन दिनों से धरना देने के बावजूद प्रदेश सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। टोंक जिले के लक्ष्मीपुरा गांव में पुलिस अधिकारियों द्वारा कथित रूप से पीटे जाने के बाद हरीश मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। जहां भजनलाल के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों द्वारा पीटे जाने के बाद उनकी हत्या की गई, वहीं पुलिस ने इसे दुर्घटनावश हुई मौत बताया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भजनलाल को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।

नगरफोर्ट गांव में भजनलाल का शव रखकर हरीश मीणा के साथ धरना दे रहे प्रदर्शनकारी आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और भजनलाल पर आश्रित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे थे। भूख हड़ताल शुरू करने से पहले संवाददाताओं से बातचीत में हरीश मीणा ने कहा कि उन्होंने राज्य सरकार को अपना संदेश भेजा है, पिछले तीन दिनों में कोई पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा, "इसलिए अब मुझे भूख हड़ताल का सहारा लेना पड़ा।"

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा भी शनिवार को धरनास्थल पर आए और उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो पांच जून को व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसी बीच भाजपा विधायक और विपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौर ने शनिवार को कहा कि प्रदेश सरकार के दिन गिनती के रह गए हैं, क्योंकि उसकी अपनी पार्टी के नेता अपनी पार्टी के खिलाफ धरना पर बैठ रहे हैं।

भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सैनी ने आरोप लगाया कि अशोक गहलोत सरकार ने शुरू में इस मामले को दबाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए तीन-सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। समिति में टोंक सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया, टोंक जिला अध्यक्ष गणेश महुर और पूर्व विधायक कन्हैयालाल हैं। समिति तीन दिनों के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल करेगी।

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