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Karnataka Crisis: विश्वास मत में भाग नहीं लेंगे बागी विधायक, मुंबई में ही टिके रहेंगे

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 17, 2019 12:21 pm IST,  Updated : Jul 17, 2019 02:45 pm IST

Karnataka Crisis: कर्नाटक के बागी विधायक बुधवार को कर्नाटक विधानसभा में होने वाले मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की सरकार के विश्वासमत में भाग लेने के लिए नहीं जाएंगे।

Supreme Court verdict on karnataka crisis and reaction of Yeddyurappa- India TV Hindi
Supreme Court verdict on karnataka crisis and reaction of Yeddyurappa Image Source : ANI

बेंगलुरु। कर्नाटक के बागी विधायक बुधवार को कर्नाटक विधानसभा में होने वाले मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की सरकार के विश्वाशमत में भाग लेने के लिए नहीं जाएंगे। सभी बागी विधायक अभी मुंबई में ठहरे हुए हैं और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वे सभी बेंगलुरु रवाना नहीं होंगे। ऐसा होने की स्थिति में कर्नाटक में मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए खतरा बढ़ गया है।

मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा स्पीकर और बागी विधायकों की याचिका पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष 15 बागी विधायकों को बुधवार को सदन में मौजूद रहने के लिए प्रतिबद्ध नहीं कर सकते। सभी 15 विधायकों को यह स्वतंत्रता दे दी गई है कि बुधवार को कर्नाटक विधानसभा में मौजूद रहने को लेकर फैसला उन्हीं को करना है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर ने कहा ‘सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं, ये फैसला देकर कोर्ट ने मेरी जिम्मेदारी को और भी बढ़ा दिया है मैं ऐसा कोई कदम नहीं उठाऊंगा जिससे सुप्रीम कोर्ट और भारतीय संविधान की मर्यादा भंग हो।

वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बीएस यदियुरप्पा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा ‘भाजपा उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करती है, यह असंतुष्ट विधायकों के लिए ‘‘नैतिक जीत’’ है’।

बुधवार को ही कर्नाटक विधानसभा में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को अपना बहुमत साबित करना है, ऐसे में अगर 15 विधायक वोटिंग में भाग नहीं लेते हैं तो सरकार के पास पर्याप्त संख्याबल उपलब्ध नहीं होगा। स्पीकर अगर विधायकों की सदस्यता को रद्द करते हैं तो भी वह वोटिंग के लिए अयोग्य साबित हो जाएंगे और ऐसी स्थिति में भी सरकार के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं होगा।

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