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उत्तराखंड कांग्रेस के नाराज विधायक अब करेंगे सोनिया गांधी से मुलाकात

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Apr 16, 2022 03:31 pm IST,  Updated : Apr 16, 2022 03:31 pm IST

कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष व उप नेता प्रतिपक्ष के चयन के बाद मचे घमासान के बीच पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस नेता डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि कांग्रेस के साथ ही प्रदेश के लिए यह संवेदनशील समय है। प्रदेश के हित में कांग्रेस का मजबूत होना आवश्यक है।

Sonia Gandhi- India TV Hindi
Sonia Gandhi Image Source : PTI (FILE PHOTO)

देहरादून: प्रदेश में नई नियुक्तियों से नाराज विधायकों को मनाने में पार्टी को शुरूआती कामयाबी मिलने के बावजूद दिलों में खिंचाव बाकी है। कुछ विधायकों की शुक्रवार को अनौपचारिक बैठक हुई। इसमें पार्टी के निर्णय के प्रति नाखुशी तो दिखी ही, साथ में असंतोष प्रबंधन की कवायद भी हुई। सबसे ज्यादा मुखर पिथौरागढ़ के धारचूला से विधायक हरीश धामी बैठक में शामिल नहीं हुए। पार्टी में निष्ठा और वरिष्ठता की उपेक्षा का मुद्दा पार्टी फोरम को गरमाने जा रहा है। विधायक और पूर्व विधायक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं।

कांग्रेस में असंतोष प्रबंधन के बाद यह तकरीबन तय हो गया है कि पार्टी में अब किसी तरह की टूटन नहीं होने जा रही है। 10 अप्रैल को नई नियुक्तियों के रूप में पार्टी नेतृत्व के निर्णय से विधायकों के साथ ही पार्टी नेताओं के एक तबके में नाराजगी बढ़ गई थी।

पिछले कई दिनों से नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के मान-मनुहार के प्रयासों का असर दिखाई पड़ा है। विशेष रूप से विधायकों के तेवर में ज्यादा तल्खी नहीं देखी जा रही है।

विधायक मदन बिष्ट ने दिया भोज

विधायकों की बीते दो दिन कोई बैठक नहीं हुई। शुक्रवार को अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट से विधायक मदन सिंह बिष्ट के देहरादून स्थित आवास पर विधायकों की बैठक हुई। बताया गया कि बिष्ट ने दोपहर के भोज का न्योता विधायकों को दिया था। बिष्ट नई नियुक्तियों के बाद पार्टी हाईकमान पर तीखी टिप्पणी को लेकर चर्चा में रहे हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं चकराता विधायक प्रीतम सिंह, प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण व राजकुमार बैठक में शामिल हुए। नवनियुक्त उपनेता प्रतिपक्ष व खटीमा भुवन कापड़ी भी उपस्थित रहे।

असंतोष से किया इनकार
सूत्रों के अनुसार बैठक में नई नियुक्तियों में निष्ठा और वरिष्ठता की अनदेखी और गढ़वाल मंडल को प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने पर चर्चा हुई। इस विषय को राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष रखने पर सहमति बनी। हालांकि प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी ने विधायकों में असंतोष होने से इन्कार किया। उन्होंने कहा कि विधायकों को भोज का निमंत्रण दिया गया था। बैठक में बुलाने के बावजूद नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि भोज पर उन्हें भी बुलाया गया था, लेकिन व्यस्तता के चलते वह जा नहीं सके।

प्रीतम से मिले कापड़ी और हृदयेश
उधर, पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह से उनके आवास पर उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायक सुमित हृदयेश ने मुलाकात की। पूर्व मंत्री हरक सिंह ने भी प्रीतम सिंह से भेंट की।

प्रदेश हित के लिए कांग्रेस का मजबूत होना आवश्यक: हरक
कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष व उप नेता प्रतिपक्ष के चयन के बाद मचे घमासान के बीच पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस नेता डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि कांग्रेस के साथ ही प्रदेश के लिए यह संवेदनशील समय है। प्रदेश के हित में कांग्रेस का मजबूत होना आवश्यक है। इसलिए वर्तमान में सभी को एकजुट होना चाहिए।

(इनपुट- एजेंसी)

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