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एक बार फिर UAPA कानून पर भड़क उठे असदुद्दीन ओवैसी, अरुंधति रॉय और शौकत हुसैन से जुड़ा है मामला

 Written By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Jun 15, 2024 05:38 pm IST,  Updated : Jun 15, 2024 05:38 pm IST

असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर यूएपीए कानून को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि यह कानून इतिहाई बेरहम है। उन्होंने इस कानून के लिए भाजपा और कांग्रेस पर निशाना भी साधा है। उन्होंने कहा कि इस कानून को कांग्रेस लेकर आई थी।

Asaduddin Owaisi angry over UAPA law matter is related to Arundhati Roy and Shaukat Hussain CASE- India TV Hindi
एक बार फिर UAPA कानून पर भड़क उठे असदुद्दीन ओवैसी Image Source : PTI

Asaduddin Owaisi On UAPA: हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक UAPA कानून को लेकर फिर से भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधा है। दरअसल अरुंधति रॉय और कश्मीर के एक पूर्व प्रोफेसर शौकत हुसैन के खिलाफ यूएपीए के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल गई है। 14 साल पुराने इस मामले पर मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने इस कानून पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर इस बाबत एक पोस्ट भी शेयर किया है।

UAPA कानून पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी ने एक पोस्ट लिखकर कहा, "यूएपीए का कानून आज फिर से चर्चा में है। यह एक इंतिहाई बेरहम कानून है, जिसकी वजह से न जाने कितने हजार मुसलमान, दलित और आदिवासी नौजवानों को जेल में बंद करके उनकी जिंदगियां बर्बाद कर दी गई। यह कानून एक 85 वर्षीय स्टैन स्वामी की मौत का कारण बना।" यूएपीए कानून को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, इस कानून को कांग्रेस सरकार ने साल 2008 और 2012 में और भी सख्त बनाया था।

भाजपा और कांग्रेस पर साधा निशाना

ओवैसी ने कहा कि मैंने उस वक्त भी इस कानून का विरोध किया था। साल 2019 में भारतीय जनता पार्टी जब सत्ता में आती है तब और भी ज्यादा सख्त प्रावधान लेकर आती है। उस दौरान कांग्रेस ने भाजपा का साथ दिया था। उस वक्त भी मैंने इस कानून का विरोध किया था। अगर, मोदी 3.0 से ये उम्मीद थी कि वो चुनाव के नतीजों से कुछ सीखेंगे, तो इन्होंने इस उम्मीद पर पानी फेर दिया है। जुल्म और ज्यादतियों का ये सिलसिला जारी रहेगा। बता दें कि आज से 14 साल पहले यानी 21 अक्टूबर 2010 को दिल्ली में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में अरुंधति रॉय और प्रोफेसर शौकत हुसैन पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा था। इस मामले में सोशल एक्टिविस्ट सुशील पंडित ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। 

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