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'किसी के चुनावी वादे पूरे करने के लिए नहीं राजभवन', हिमाचल के मंत्री को राज्यपाल ने दिया दो टूक जवाब

 Published : Jan 03, 2025 06:06 pm IST,  Updated : Jan 03, 2025 06:10 pm IST

राज्यपाल ने कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी भले ही राजभवन का सम्मान न करें, लेकिन राजभवन उनका सम्मान करता है। राजस्व मंत्री ने पद की शपथ यहीं ली है। राज्यपाल ने कहा कि वे सरकार के मंत्री हैं। ऐसे में जब भी वार्ता के लिए आना चाहें, तो आ सकते हैं।

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल- India TV Hindi
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल Image Source : INDIA TV

शिमलाः लगता है कि हिमाचल प्रदेश में इस समय कांग्रेस सरकार और राज्यपाल के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी जहां राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल पर हमलावर हैं वहीं गर्वनर ने बड़ा बयान दिया है। सरकार और राजभवन में तनातनी के बीच राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शुक्रवार को कहा कि राजभवन किसी नेता के चुनावी वादे पूरे करने के लिए नहीं है। राज्यपाल ने यह बयान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के उस बयान पर दिया, जिसमें उन्होंने राजभवन की ओर से नौतोड़ मामलों को मंजूरी न देने की बात कही थी।

राज्यपाल ने कही ये बात

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि नौतोड़ मामलों को लेकर राज भवन ने अपना जवाब दे दिया है। कुछ विषयों को लेकर आपत्ति थी। इसको लेकर जवाब मांगा गया है। अब तक राज्य सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। राजभवन ने यह कभी नहीं कहा कि हम नौतोड़ से अलग हैं, लेकिन राजभवन नियमों के तहत ही काम करेगा। 

उन्होंने कहा कि राजभवन की ओर से राज्य सरकार से पूछा गया है कि इसमें कितने लोग शामिल हैं। राजभवन ने इसे लेकर इस संबंध में नामों की भी जानकारी मांगी है। शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि अगर किन्हीं नाम को गलत तरीके से दिखाया जाएगा तो राजभवन इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। वे नियमों के बाहर जाकर काम नहीं करेंगे। राज्यपाल ने कहा कि राजभवन किसी के चुनावी वादे पूरे करने के लिए नहीं है।

मंत्री ने राज्यपाल को लेकर कही थी ये बात

बता दें कि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से सुक्खू सरकार में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी नाराज नजर आए थे। नौतोड़ संबंधी मंत्रिमंडल के प्रस्ताव को मंजूरी न मिलने से नेगी ने नाराजगी जाहिर की थी। राजस्व मंत्री के मुताबिक, राजभवन में डेढ़ साल से ज्यादा समय से यह प्रस्ताव लटका हुआ है। नेगी का कहना था कि एक बार फिर से राज्यपाल से मुलाकात कर प्रस्ताव को मंजूरी दिलवाने की कोशिश करेंगे। अगर फिर भी सकारात्मक परिणाम नहीं मिलते हैं तो संविधान में दिए गए शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का इस्तेमाल करेंगे। राजस्व मंत्री ने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो जनता के साथ मिलकर सड़कों पर भी उतरेंगे।

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