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आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू को चुनाव आयोग ने थमाया नोटिस, 48 घंटे में जवाब देने को कहा

 Published : Apr 05, 2024 06:37 am IST,  Updated : May 31, 2024 12:42 pm IST

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को चुनाव आयोग ने आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में नोटिस जारी किया है। नायडू ने सीएम जगन मोहन रेड्डी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।

एन चंद्रबाबू नायडू - India TV Hindi
एन चंद्रबाबू नायडू Image Source : ANI

अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी पर विवादित बयान देने के आरोप में चुनाव आयोग ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू को नोटिस जारी किया है। नोटिस में आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन करने का आरोप है। टीडीपी प्रमुख नायडू ने 31 मार्च को अपने चुनावी भाषणों के दौरान कथित तौर पर सीएम जगन के लिए कई आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।  

जवाब देने के लिए 48 घंटे का दिया समय 

आंध्र प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की तरफ से जारी नोटिस के अनुसार, नायडू को जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणियों के संबंध में स्पष्टीकरण देने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है। यह नोटिस युवजन श्रमिका रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के राज्य महासचिव लैला अप्पी रेड्डी की शिकायत के बाद जारी किया गया।

पेन ड्राइव में भाषण की कॉपी चुनाव आयोग को दी गई थी

नोटिस के अनुसार, टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने येम्मिगनूर, मार्कापुरम और बापटला निर्वाचन क्षेत्रों में आयोजित चुनावी रैलियों के दौरान कथित तौर पर सीएम रेड्डी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। वाईएसआरसीपी ने चंद्रबाबू नायडू के भाषणों को एक पेन ड्राइव में चुनाव आयोग को उपलब्ध कराए थे। आयोग ने नायडू के भाषणों की समीक्षा की है और कहा है कि ऐसा लगता है टीडीपी चीफ प्रथम दृष्टया आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं। 

आंध्र प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव 13 मई को होंगे

बता दें कि आंध्र प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव 13 मई को होने हैं और वोटों की गिनती 4 जून को होगी। आंध्र प्रदेश विधानसभा में 175 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 88 सीटों की आवश्यकता होगी। 2014 के विधानसभा चुनावों में चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली टीडीपी ने 102 सीटों के बहुमत के साथ जीत हासिल की थी। जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसीपी ने 67 सीटें जीतीं। भाजपा दो क्षेत्रीय दिग्गजों के खिलाफ चुनाव लड़कर केवल चार सीटें जीत सकी थी। 2019 के विधानसभा चुनाव में वाईएसआरसीपी ने 151 सीटों के प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल की, जबकि टीडीपी 23 सीटों पर सिमट गई। 

 

 

 

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