1. Hindi News
  2. भारत
  3. उत्तर प्रदेश
  4. न्याय पाने की आस में पिता ने 21 दिन से डीप फ्रीजर में रखा है पुत्र का शव

न्याय पाने की आस में पिता ने 21 दिन से डीप फ्रीजर में रखा है पुत्र का शव

 Written By: Bhasha
 Published : Aug 23, 2021 06:44 am IST,  Updated : Aug 24, 2021 02:27 pm IST

स्थानीय प्रशासन की तरफ से परिजन को संयुक्त रूप से नोटिस देने के साथ ही शव का अंतिम संस्कार नहीं करने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी भी दी गयी है।

man keeps sons dead body in deep freezer sultanpur uttar pradesh news न्याय पाने की आस में पिता ने 2- India TV Hindi
न्याय पाने की आस में पिता ने 21 दिन से डीप फ्रीजर में रखा है पुत्र का शव Image Source : FREEPIK

सुल्तानपुर. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के कूरेभार क्षेत्र में न्याय की आस में एक फौजी पिता ने अपने बेटे के शव को पिछले 21 दिनों से डीप फ्रीजर में रखा है। वहीं, जिला प्रशासन ने शव का अंतिम संस्कार नहीं करने पर नोटिस जारी किया है। मजिस्ट्रेट के तौर पर रविवार को मृतक के घर पहुंचे मुख्य राजस्व अधिकारी शमशाद हुसैन ने बताया कि सरैया मझौवा गांव में सेवानिवृत्त सूबेदार शिवप्रसाद पाठक ने गत एक अगस्त को दिल्ली में संदिग्ध परिस्थितियों में मरे अपने बेटे शिवांक का शव न्याय पाने की आस में डीप फ्रीजर में रखा है।

उन्होंने बताया कि मौत के बाद दोबारा पोस्टमार्टम कराने और मृतक की पत्नी गुरलीन कौर और ससुर सुरेंद्रजीत सिंह समेत चार लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की अर्जी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट किरण गोंड ने खारिज कर दी है। मगर मृतक का परिवार बिना घटना के खुलासे के शिवांक के अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं है। हुसैन ने बताया कि स्थानीय प्रशासन की तरफ से परिजन को संयुक्त रूप से नोटिस देने के साथ ही शव का अंतिम संस्कार नहीं करने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी भी दी गयी है। अंतिम संस्कार नहीं होना शव का अपमान है। परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त सूबेदार शिवप्रसाद पाठक के बेटे शिवांक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत एक अगस्त 2021 को दिल्ली में हो गई थी। शिवांक दिल्ली में वर्ष 2012 में एक कॉल सेंटर में नौकरी करता था। इस बीच शिवांक ने दिल्ली में 24 अप्रैल 2012 को एक व्यक्ति के साथ मिलकर एक कंपनी खोली थी। कंपनी के पार्टनर ने दिल्ली की ही रहने वाली एक युवती गुरलीन कौर को एचआर के पद पर नियुक्त किया था। शिवांक ने इसी युवती के साथ 2013 में शादी कर ली थी।

पाठक का आरोप है कि शिवांक के नाम काफी संपत्ति है, जिस पर युवती की नजर थी। इसी बीच, बीती एक अगस्त को दिल्ली में उसके बेटे शिवांक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। उनका आरोप है कि उनके बेटे की हत्या की गई है, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। शव को पोस्टमार्टम होने के बाद सीधे उन्हें सौंप दिया गया। इसके बाद वह अपने बेटे शिवांक के शव को लेकर तीन अगस्त को सुल्तानपुर जिले स्थित अपने पैतृक गांव आ गए।

पाठक का कहना है कि बेटे की मौत से पर्दा उठाने के लिए उन्होंने कूरेभार थाने की पुलिस को भी सूचना दी, लेकिन उनकी एक न सुनी गई। बाद में शिव प्रसाद ने मुकदमा दर्ज कराने और दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की थी। न्यायालय ने सुनवाई का क्षेत्राधिकार न होने के आधार पर 18 अगस्त को अर्जी खारिज कर दी। इस मामले की जानकारी मिलने पर सुल्तानपुर से सांसद मेनका गांधी ने मृतक शिवांक के पिता को आश्वस्त किया है कि वह दिल्ली पुलिस आयुक्त से बात कर न्याय दिलाएंगी।

Latest Uttar Pradesh News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Uttar Pradesh से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत