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वीके सिंह बोले- किसान संगठनों में आपस में वर्चस्व की लड़ाई, कृषि कानूनों में काला क्या है?

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 20, 2021 06:05 pm IST,  Updated : Nov 20, 2021 06:05 pm IST

केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा, ‘‘इसका इलाज क्या है? इसका कोई इलाज नहीं है। किसान संगठनों में आपस में वर्चस्व की लड़ाई है। ये लोग छोटे किसानों के फायदे के बारे में नहीं सोच सकते। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून वापस लेने की घोषणा की है।’’

कृषि कानून में स्याही को छोड़कर इसमें और क्या काला है: केंद्रीय मंत्री वीके सिंह- India TV Hindi
कृषि कानून में स्याही को छोड़कर इसमें और क्या काला है: केंद्रीय मंत्री वीके सिंह Image Source : PTI FILE PHOTO

Highlights

  • कृषि कानून में स्याही को छोड़कर और क्या काला है: वीके सिंह
  • किसान संगठनों में आपस में वर्चस्व की लड़ाई है, ये लोग छोटे किसानों के फायदे के बारे में नहीं सोच सकते- वीके सिंह
  • किसानों की खुशहाली देखने का काम किया है केवल मोदी सरकार ने किया है- वीके सिंह

बस्ती (उत्तर प्रदेश): केंद्रीय मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह ने केंद्र के कृषि कानूनों को ‘काला कानून’ बताने के किसानों के आरोपों पर शनिवार को कहा कि इसमें इस्तेमाल होने वाली स्याही को छोड़कर इसमें और क्या काला है? सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने एक किसान नेता से पूछा कि कृषि कानूनों में काला क्या है? आप लोग कहते हैं कि यह एक काला कानून है। मैंने उनसे पूछा कि स्याही के अलावा और क्या काला है? उन्होंने कहा कि हम आपके विचार का समर्थन करते हैं, लेकिन फिर भी ये (कानून) काले हैं।’’ 

केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा, ‘‘इसका इलाज क्या है? इसका कोई इलाज नहीं है। किसान संगठनों में आपस में वर्चस्व की लड़ाई है। ये लोग छोटे किसानों के फायदे के बारे में नहीं सोच सकते। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून वापस लेने की घोषणा की है।’’ एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘आगामी राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा जिस तरह से जीत हासिल करेगी, आप खुद देखेंगे।’’ उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने ही स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू किया।

वीके सिंह ने कहा कि अगर किसी सरकार ने किसानों की खुशहाली देखने का काम किया है तो वह हमारी सरकार ने किया है। फिर चाहे वह किसान सम्मान निधि हो, यूरिया को नीम कोटेड करने का हो या मृदा परीक्षण, खेती की पैदावार बढ़ाने का हो, एमएसपी का हो, स्वामीनाथन आयोग को लागू करने का हो। सिंह ने कहा कि कृषि कानून किसानों के फायदे के लिए थे, विशेषकर छोटे किसानों के लिए थे। शायद राजनीति इसके ऊपर अधिक हुई, आज तक किसी सरकार ने ऐसे कानून वापस नहीं लिया। यह मोदी की सरकार है, जिन्होंने कहा कि ठीक है अगर आप इस कानून का फायदा नहीं समझ रहे हैं तो हम इसे वापस ले रहे हैं। सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि देश के कोने-कोने को अच्छी सड़कों से जोड़े, सरकार इसी लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में शीघ्र ही 220 हवाईअड्डे बनाने और हेलीकाप्टर उतारने की योजना है। 

असदुद्दीन ओवैसी पर किया पलटवार 

वहीं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के द्वारा CAA की वापसी के बयान पर पलटवार करते हुए जनरल वीके सिंह ने कहा कि वे (ओवैसी) खेती नहीं करते, जो खेती नहीं करता वह खेती समझता भी नहीं है। केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल बीके सिंह ने शनिवार को  बस्ती मंडल के  सिद्धार्थनगर जिले के बीएसए ग्राउंड में बने पंडाल में 5 दिनी कपिलवस्तु महोत्सव का शुभारंभ किया।

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