1. Hindi News
  2. जम्मू और कश्मीर
  3. उमर अब्दुल्ला ने UPI विवाद पर केंद्र सरकार का किया समर्थन, कहा- पेमेंट सिस्टम को चलाने में खर्च होता है काफी पैसा

उमर अब्दुल्ला ने UPI विवाद पर केंद्र सरकार का किया समर्थन, कहा- पेमेंट सिस्टम को चलाने में खर्च होता है काफी पैसा

 Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Sep 16, 2026 11:40 pm IST,  Updated : Sep 16, 2026 11:48 pm IST

यूपीआई को लेकर चल रहे विवाद पर अब जम्मू-कश्मीर के सीएम ने अपना रुख साफ कर दिया है। सीएम अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार के फैसला का खुलकर समर्थन किया है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला- India TV Hindi
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला Image Source : PTI

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को यूपीआई के माध्यम से लेनदेन पर शुल्क लगाने के मामले में बड़ा बयान दिया है। सीएम अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखना और चलाना सस्ता नहीं है, लेकिन साथ ही उन्होंने सरकार को खुदरा ग्राहकों के हितों की रक्षा करने की सलाह भी दी। 

हर किसी पर नहीं लगाया जा रहा ये शुल्क- अब्दुल्ला

सीएम अब्दुल्ला ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'यह शुल्क हर किसी पर नहीं लगाया जा रहा है। सबसे पहले, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने पर कोई शुल्क नहीं लगता है। इसके अलावा, आम ग्राहकों से तब तक कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, जब तक वे एक तय सीमा से ज्यादा का लेन-देन नहीं करते।' 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीआई इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने और उसे चलाने का काम सस्ता नहीं है। इस भुगतान प्रणाली को चलाने में काफी पैसा खर्च होता है। 

कंपनियां UPI से कमाती हैं काफी मुनाफा- अब्दुल्ला

उन्होंने कहा, 'असलियत यह भी है कि जब कोई चीज पूरी तरह मुफ्त मिलती है, तो हम अक्सर उसकी सही कीमत नहीं समझते। फिर भी, भारत सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आम नागरिकों पर इस शुल्क का बोझ न पड़े। अगर कंपनियों से शुल्क ली भी जाती है, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि वैसे भी कंपनियां यूपीआई से काफी मुनाफा कमाती हैं।'

जानिए क्या है UPI को लेकर नया नियम?

बता दें कि केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर अधिकतम 0.4 फीसदी MDR लागू करने का फैसला किया है। यह शुल्क सीधे आम उपभोक्ता से नहीं लिया जाएगा। व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P ट्रांजैक्शन भी शुल्क मुक्त रहेगा।

विपक्ष ने उठाए सवाल तो वित्त मंत्री ने दिया जवाब

इस फैसले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। वहीं वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि UPI से जुड़ी नीतियां भारत में स्वतंत्र रूप से तय की जाती हैं। किसी विदेशी दबाव के कारण MDR लागू करने का फैसला नहीं लिया गया है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना है। (भाषा के इनपुट के साथ)

ये भी पढ़ें: 

VIDEO: जम्मू की 45 साल की महिला ने बेटे से ट्यूशन लेकर पास की 10वीं क्लास की परीक्षा, बोल और सुन नहीं सकती हैं

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। जम्मू और कश्मीर से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।