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फारूक अब्दुल्ला बोले- 'हम केंद्र से लड़ना नहीं चाहते', बीजेपी के साथ संबंधों के आरोपों का भी दिया जवाब

 Published : Jan 09, 2025 09:07 pm IST,  Updated : Jan 09, 2025 09:10 pm IST

उमर अब्दुल्ला ने विधायकों के केंद्र-शासित प्रदेश की विधानसभा में काम करने की अनूठी चुनौतियों के हिसाब से ढलने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने नये और अनुभवी दोनों विधायकों के लिए ‘परिचय कार्यक्रम’ आयोजित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर की तारीफ की।

पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला- India TV Hindi
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला Image Source : FILE-PTI

जम्मूः नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर के गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए केंद्र सरकार के साथ सहयोग करने को तैयार है। उनकी पार्टी और राज्य सरकार केंद्र से लड़ना नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि हम नई दिल्ली (केंद्र) से लड़ना नहीं चाहते। हम राज्य की समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। अब्दुल्ला ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को प्रगति में बाधा डालने वाले विवादों में उलझने के बजाय लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

बेरोजगारी पर जताई चिंता

उन्होंने जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। अब्दुल्ला ने कहा कि यहां बेरोजगारी इतनी गंभीर है तो लोगों की समस्या कैसे हल होगी? हमारे अस्पतालों और स्कूलों की हालत खस्ता है। हमें शिक्षकों, डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की ज़रूरत है, लेकिन इसके बजाय अनावश्यक बयानबाजी की जा रही है।

बीजेपी के साथ संबंधों से किया इनकार

अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस का भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह स्थानीय मुद्दों के समाधान में राज्य सरकारों का समर्थन करे। उन्होंने कहा कि हम बीजेपी के साथ नहीं हैं और न ही हमारा उनसे कोई संबंध है। 

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कही ये बात

वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर का केंद्र-शासित प्रदेश का दर्जा स्थायी नहीं है और केंद्र सरकार उसका राज्य का दर्जा बहाल करने का अपना वादा पूरा करेगी। उमर ने कहा कि किसी राज्य की विधानसभा और केंद्र-शासित प्रदेश की विधानसभा के नियमों और सीमाओं के बीच के अंतर को समझने की जरूरत है।

उन्होंने नये विधायकों से राज्य का दर्जा बहाल होने तक केंद्र-शासित प्रदेश की विधानसभा में अपनी भूमिका को स्वीकार करने का आग्रह किया। जम्मू में विधायकों के लिए आयोजित ‘परिचय कार्यक्रम’ में मुख्यमंत्री ने कहा, “केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से वादा किया है कि राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। हमें उम्मीद है कि वे अपनी बात पर कायम रहेंगे।

इनपुट- पीटीआई

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