जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न ने एक बार फिर हड़ताल शुरू कर दी। मेडिकल इंटर्न मासिक मानदेय बढ़ाने की मांग पूरी करने के सरकार के आश्वासन पर अमल नहीं होने का आरोप लगाया है। इसी के चलते मंगलवार को फिर से हड़ताल शुरू कर दी। इंटर्न ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर सितंबर में हड़ताल की थी। सरकार ने 8 सितंबर को उनसे आंदोलन समाप्त करने और उनकी मांगों पर विचार करने के लिए एक महीने का समय देने को कहा था।
मांगों का नहीं हुआ समाधान
हालांकि, इंटर्न ने कहा कि समय-सीमा बीत जाने के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, जिसके कारण उन्हें मंगलवार को फिर से हड़ताल शुरू करनी पड़ी। मेडिकल इंटर्न डॉक्टर फाराज अहमद ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ''30 दिन का समय उन्होंने ही मांगा था। उस समय भी हमने लिखित आदेश की मांग की थी और आज भी हम आदेश की मांग कर रहे हैं। उस समय हमने भरोसे के आधार पर बातचीत की थी और सोचा था कि हमें उन पर विश्वास करना चाहिए।''
स्वास्थ्य मंत्री ने दिया था आश्वासन
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री सकीना मसूद इटू, श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर इफ्फत और योजना विभाग के उप निदेशक की मौजूदगी में हुई बैठक के कार्यवृत्त में दर्ज किया गया था कि इस मामले को 30 दिन के भीतर अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
42 दिन बीत गए मामला अभी तक नहीं सुलझा
अहमद ने कहा, ''आज 42वां दिन है। 42 दिन बीत चुके हैं, लेकिन मामला अब भी अनसुलझा है। इसके अलावा, कल सिविल सचिवालय में ओएसडी के कार्यालय में हमें अपमानित भी किया गया। हम केवल अपनी फाइल की स्थिति जानने गए थे।'' उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के सभी मेडिकल इंटर्न ने आंदोलन फिर से शुरू करने का फैसला किया है। सभी मेडिकल कॉलेजों में हड़ताल का आह्वान किया गया है और मंगलवार शाम को कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
काम नहीं करेंगे, हड़ताल रहेगी जारी
अहमद ने कहा कि जब तक मेडिकल इंटर्न को उनके काम के लिए उचित पारिश्रमिक और सम्मान नहीं मिलता, हम काम नहीं करेंगे और यह हड़ताल जारी रहेगी। सोमवार को इंटर्न के एक प्रतिनिधिमंडल ने एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न का मानदेय बढ़ाने की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की थी। (भाषा के इनपुट के साथ)
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