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जम्मू-कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी को फिर से सक्रिय करने की कोशिश, NIA ने की कई जगहों पर रेड

 Reported By: Kumar Sonu, Edited By: Subhash Kumar
 Published : May 25, 2026 07:15 am IST,  Updated : May 25, 2026 07:33 am IST

जम्मू-कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में NIA ने इस संगठव के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है और कश्मीर के कई जगहों पर रेड की है।

NIA Raid kashmir Jamaat-e-Islami - India TV Hindi
NIA ने कश्मीर में कई जगहों पर की रेड। (फाइल फोटो) Image Source : ANI

केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से बड़ी खबर सामने आ रही है। NIA ने प्रदेश में जमात-ए-इस्लामी (JeI) के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है। जानकारी के अनुसार, NIA ने सेंट्रल और साउथ कश्मीर में एक साथ कई जगहों पर रेड की है। NIA की श्रीनगर के लाल बाजार और साउथ कश्मीर के शोपियां समेत कई इलाकों में रेड जारी है।

क्यों हो रही है कार्रवाई?

NIA के सूत्रों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए जमात-ए-इस्लामी को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की जा रही थी। इसी मामले में NIA ने कई संदिग्ध ठिकानों पर रेड की है। आपको बता दें कि फरवरी 2024 में केंद्र सरकार ने ‘जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर’ को UAPA के तहत अगले 5 वर्षों के लिए गैरकानूनी संगठन घोषित किया था। दरअसल, जमात ए इस्लामी पर आतंकवाद, अलगाववाद और भारत विरोधी प्रचार में शामिल होने का आरोप है।

क्यों लगाया गया था प्रतिबंध?

आपको बता दें कि 'जमात-ए-इस्लामी जम्मू कश्मीर' पर 28 फरवरी, 2019 को प्रतिबंध लगाया गया था। जमात-ए-इस्लामी पर जम्मू और कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए आतंकवाद और भारत विरोधी प्रचार को बढ़ावा देने में शामिल रहने का है, जो भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता के लिए हानिकारक है। साल 2024 में जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध को 5 साल के लिए बढ़ा दिया गया था। इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था- "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन करते हुए, सरकार ने जम्मू-कश्मीर की जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध पांच साल के लिए बढ़ा दिया है। यह संगठन देश की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए है। इस संगठन को पहली बार 28 फरवरी 2019 को 'गैरकानूनी संगठन' घोषित किया गया था। देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।"

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