श्रीनगर:आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक पाकिस्तानी आतंकवादी के बारे में जांच एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है। लाहौर का रहने वाला आतंकी मोहम्मद उस्मान जट्ट उर्फ ‘चीनी’ पर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने और संगठन के लिए स्लीपर नेटवर्क तैयार करने का आरोप है। बाल झड़ने से परेशान होकर उसने हेयर ट्रांसप्लांट कराया और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तुर्की भागने की तैयारी कर रहा था। आतंकी मोहम्मद उस्मान जट्ट उर्फ ‘चीनी’ को पिछले महीने श्रीनगर पुलिस ने अब्दुल्ला उर्फ "अबू हुरैरा" के साथ गिरफ्तार किया।
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स्लीपर बेस बनाने का मिला था जिम्मा
बता दें कि अब्दुल्ला उर्फ "अबू हुरैरा" कश्मीर में सबसे लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले आतंकवादियों में से एक है। इस जोड़ी को जम्मू-कश्मीर के बाहर आतंकवादी स्लीपर बेस बनाने का काम सौंपा गया था। एनआईए की जांच के दौरान ये खुलासा हुआ। जट्ट ने अपनी गतिविधियों, सुरक्षित ठिकानों, और घाटी में पंहुंचने के बाद जिन लोगों से मिला, उनके बारे में विस्तार से जानकारी दी। और ये ख़ुलासा भी किया है कि इस क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद कश्मीर के बारे में उसकी सोच बदल गई थी,।
बाल झड़ने से परेशान था आंतकी
पूछताछ के दौरान उसने ये भी दावा किया कि कश्मीर में रोज़मर्रा की ज़िंदगी की हकीकत उससे बहुत अलग थी, जो पाकिस्तान में आतंकवादी प्रशिक्षण के दौरन सिखाई गई थी। जट्ट के बारे में बताया जा रहा है कि वह पिछले काई सालों से बालों के झड़ने की गंभीर समस्या से जूझ रहा था, इसका उसके आत्मविश्वास पर भी असर पड़ रहा था और इसके लिए उसने श्रीनगर के उपरी इलाकों में रहने के दौरान, जरगम और अब्दुल्ला उर्फ "अबू हुरैरा" नाम के पाकिस्तानी आतंक्वाडियों के साथ संपर्क किया। और अपने बालों को ट्रांसप्लांट कराने के लिए एक योजना बनाई।
हेयर ट्रांसप्लांट कराने के बाद भागा पंजाब
उसने अपने दूसरे साथियों की मदद से एक ऐसे दुकानदार से मुलाकात की, जिसका कथित तौर पर इस आतंकवादी नेटवर्क से संबंध था। दावा है कि उस दुकानदार ने खुद भी हेयर ट्रांसप्लांट करवाया था। जट्ट ने भी उससे मदद मांगी और बाद में कश्मीर किसी एक क्लिनिक में ले जाया गया, जहां उसका हेयर ट्रांसप्लांट किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसर, इलाज के दौरान वह कभी-कभी रात में उसके क्लिनिक में रुक भी जाता था। और फिर हेयर ट्रांसप्लांट पूरा होने के बाद पूरी होने के बाद जम्मू गया और फिर वहां से एक स्लीपर बस पकड़कर पंजाब के लिए रवाना हो गया।
तुर्की जाने के लिए आधार, पासपोर्ट बनवाना चाहता था
पंजाब में कुछ समय बिताने के दौरान उसने तुर्की के शो देखे और अंग्रेजी सिखाने की कोशिश की। भारत से तुर्की जाने के लिए उसने एक आधार कार्ड, पैन कार्ड और आखिर में एक पासपोर्ट बनवाना चाहता था। और फिर पाकिस्तानी आंतकी उमर उर्फ 'खरगोश' (खरगोश) की तरह भागना चाहता था, जिसने पासपोर्ट हासिल कर लिया था और फिर वह इंडोनेशिया भाग गया था।