बोकारो की बेटी और दिल्ली में एसीपी के पद पर कार्यरत अपूर्वा वर्मा ने एक बार फिर शानदार उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन सिविल सर्विसेज को दोबारा क्लियर करते हुए 42वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी इस सफलता से पूरे बोकारो में गर्व का माहौल है। अपूर्वा वर्मा की यह सफलता शहर की बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है।
ये मूल रूप से बिहार के चम्पारण के रहने वाले है और झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट में इनके पिता नौकरी करते हैं, जहां सेक्टर 4F में इनका आवास है और ये बोकारो के दिल्ली पब्लिक स्कूल से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने अपना ग्रेजुएशन NIT मणिपुर से किया। परिवार के लोग उनके इस उपलब्धि से काफी खुश नजर आ रहे है।
तेजस्विनी सिंह को मिली 62वीं रैंक
उधर, बोकारो की बेटी तेजस्विनी सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 62 हासिल कर जिले और झारखंड का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि तेजस्विनी ने यह शानदार सफलता पहले ही प्रयास में हासिल की है। तेजस्विनी बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में तेजस्वी और बहुआयामी छात्रा रही हैं। वह बोकारो इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक प्रभारी (एमआरडी) राजेश कुमार और बीएस सिटी कॉलेज की वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. पल्लवी प्रवीण की सुपुत्री हैं।
उन्होंने डीपीएस बोकारो से नर्सरी से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के साथ-साथ नृत्य, वाद-विवाद और अन्य सह-शैक्षिक गतिविधियों में भी वह हमेशा आगे रही हैं। वर्ष 2018 में 12वीं के बाद उन्होंने बीआईटी मेसरा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके साथ ही मैनेजमेंट की तैयारी करते हुए IIM CAT में 99.84 परसेंटाइल हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। तेजस्विनी और उनके माता-पिता ने इस सफलता का श्रेय डीपीएस बोकारो के मजबूत शैक्षणिक आधार को दिया है।
रिपोर्ट- मृत्युंजय मिश्रा