
मौसम की मार ने महंगा किया आम का स्वाद
इंसराम का कहना है कि आंधी-पानी और ओलावृष्टि का असर उत्तर प्रदेश के आम वाले 15 इलाकों पर पड़ा है। सिर्फ राजधानी लखनऊ में ही 35 से 40 प्रतिशत तक आम की फसल बर्बाद हुई है। ऐसे में आम इस बार अपने मूल दामों से 20 से 30 रुपये और महंगे होकर बिकेंगे।
अली बताते हैं कि अभी तक आम की खेती में 35 से 40 प्रतिशत तक का ही नुकसान होने की उम्मीद है। लेकिन नहरों से शीघ्र ही आम बागानों को पानी नहीं दिया गया तो आम पैदावार की हालत और खस्ता हो जाएगी। ऐसे में आम की खेती और नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि तेज निकलते धूप और लू के थपेड़ों से आम को बहुत ज्यादा नुकसान नहीं है, लेकिन यदि यहीं इन पेड़ों को जरूरत के मुताबिक, पानी नहीं मिला तो यहीं धूप और लू इनके लिए रोग का कारण बन जाएंगे।
वैसे तो जाला रोग आम की खेती को बीते कई वर्षो से अपनी प्रकोपों का शिकार बनाती रही है। ऐसे में अब पानी नहीं मिला तो फफूंदी लगने का डर बना हुआ है। वे बताते हैं अब पानी की जरूरत इस वजह से और है कि पानी जब पेड़ों की जड़ों में पहुंचता है तो अंतिम समय में फलों की साइज का विकास होता है।