
आम बागानों मालिकों की आंखों में हैं आंसू
दशहरी का गढ़ कहे जाने वाले राजधानी के मलिहाबाद के साथ ही रहीमाबाद, काकोरी, माल, उन्नाव के हसनगंज सहित अन्य जगहों आम बागानों के पैदावार करने वाले रो रहे हैं। उनका मानना है कि आम की सही पैदावार होने से हम इसे विदेशों में भी पहुंचा दिया करते थे, लेकिन इस वर्ष तेज आंधी ओलावृष्टि ने आम पैदावार को आधा कर दिया है।
आम बागान मालिकों के मुताबिक, आम की पैदावार 200 से 250 लाख मीट्रिक टन होने की उम्मीद है, जबकि पूर्व में यहीं पैदावार 500 लाख मीट्रिक टन की रहती थी। इससे आधा पैदावा होने से दुबई, सऊदी, और सिंगापुर में आम नहीं भेजे जा सकेंगे।