आजकल बालों का झड़ना बेहद आम हो गया है। खासकर, गर्मियों के मौसम में हेयर फॉल की समस्या और भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में इस परेशानी से कंट्रोल करने के लिए लोग घरेलू नुस्खों की तरफ खूब हाथ आज़माते हैं। आजकल बालों की केयर के लिए जो नुस्खा सबसे ज़्यादा वायरल है वो है प्याज का इस्तेमाल। बालों को झड़ने से बचाने के लिए कई लोग प्याज का रस लगाते हैं तो कई लोग प्याज का तेल का इस्तेमाल करते हैं? लेकिन इन दोनों में से ज़्यादा फायदेमंद कौन सा है? चलिए हम आपको बताते हैं।
हेयर फॉल में प्याज़ का जूस कैसे करता है काम?
गर्मियों की गर्मी से तेल और पसीने का उत्पादन बढ़ जाता है, जिससे बालों के रोम बंद हो सकते हैं। इस स्थिति में प्याज़ का रस फ़ायदेमंद होता है क्योंकि यह हल्का होता है और दूसरे तेलों के मुकाबले कम चिपचिपा लगता है। यह स्कैल्प पर भारीपन महसूस नहीं कराता और मुँहासे वाली स्कैल्प के लिए भी एकदम सही है। सल्फर से भरपूर होने के कारण, प्याज़ का रस बालों की जड़ों को मज़बूत बनाने और रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे बालों को फिर से उगने में मदद मिलती है।
हेयर फॉल में लिए प्याज़ का तेल कैसे करता है काम?
प्याज़ का तेल सूखे बालों को गहराई से पोषण देता है। यह बालों के रेशों के चारों ओर एक परत बनाता है, नमी को कम करता है, और केमिकल से ट्रीट किए गए बालों, घुंघराले बालों के लिए एकदम सही है। यह कुछ समय के लिए बालों का झड़ना भी रोकता है और तनाव के कारण होने वाले बालों के झड़ने को कम करके स्कैल्प में रक्त संचार को बेहतर बनाता है।
दोनों में कौन सा बेहतर है?
दोनों ही गर्मियों में बालों को बढ़ाने में मदद करते हैं, लेकिन सबसे अच्छा विकल्प व्यक्ति के बालों की बनावट और स्कैल्प की प्रकृति पर निर्भर करता है। अगर आपकी स्कैल्प तैलीय है, आपको बहुत ज़्यादा पसीना आता है, स्कैल्प पर बहुत ज़्यादा जमाव होता है, या आपके बाल आसानी से चिपचिपे हो जाते हैं, तो प्याज़ का रस ही आपका विकल्प होना चाहिए। लेकिन अगर आपके बाल रूखे और बेजान लग रहे हैं, और स्कैल्प पपड़ीदार है, तो आपके लिए प्याज़ का तेल ही सही विकल्प है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है