नीम करोली बाबा 20वीं सदी के भारत के सबसे महान और चमत्कारी संतों में से एक थे। वे मुख्य रूप से भगवान हनुमान के परम भक्त थे, और उनके अनुयायी उन्हें स्वयं हनुमान जी का अवतार मानते थे। उनका वास्तविक नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा था, और उनका जन्म उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। एक प्रसिद्ध कहानी के अनुसार, बाबा जी एक बार बिना टिकट ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। टीटीई ने उन्हें 'नीम करोली' नाम के एक गांव के रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतार दिया। बाबा जी चुपचाप स्टेशन के पास बैठ गए। इसके बाद, ट्रेन के ड्राइवरों ने बहुत कोशिश की, लेकिन ट्रेन अपनी जगह से एक इंच भी नहीं हिली। जब लोगों ने रेलवे अधिकारियों को बताया कि उन्होंने एक सिद्ध संत को ट्रेन से उतारा है, तो अधिकारियों ने बाबा जी से माफी मांगी और उन्हें वापस ट्रेन में बिठाया। बाबा जी के बैठते ही ट्रेन तुरंत चल पड़ी। इसी घटना के बाद से उन्हें 'नीम करोली बाबा' कहा जाने लगा। उनके विचारों में सफलता का राज छिपा है। अगर आप जीवन में सफल होना चाहते हैं तो नीम करोली बाबा की ये बातें आपको जीवन में खूब कामयाब बनाएगी।
- संसार का मोह ही मनुष्य के दुखों का मुख्य कारण है. जब व्यक्ति किसी चीज या रिश्ते से जरूरत से ज्यादा जुड़ जाता है, तो चिंता और दुख बढ़ने लगते हैं। इसलिए जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
- दूसरों की मदद करना और जरूरतमंदों के काम आना सबसे बड़ा धर्म है। सेवा का भाव व्यक्ति को अंदर से मजबूत और संतुष्ट बनाता है।
- जब तक व्यक्ति मोह और अहंकार में फंसा रहता है, तब तक वह अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं पहचान पाता।
- हर व्यक्ति में ईश्वर का अंश मौजूद है। इसलिए किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए।
- सभी से प्रेम करो और सभी की सेवा करो। प्रेम और करुणा ऐसे गुण हैं, जो रिश्तों को मजबूत बनाते हैं और समाज में सकारात्मकता फैलाते हैं।
- सत्य का मार्ग हमेशा व्यक्ति को सही दिशा में ले जाता है। ईश्वर का स्मरण और सच्चाई का पालन जीवन में आत्मविश्वास और शांति लाता है।