हेल्थ डेस्क: महिलाओं में होने वाले विभिन्न प्रकार के कैंसरों में गर्भाशय ग्रीवा या सर्वाइकल कैंसर के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। महिलाओं की प्राय: सभी स्वास्थ्य समस्याओं में यह कैंसर तीसरे नंबर पर शुमार किया जाता है। आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि सर्वाइकल कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा 16 से 30 वर्ष आयुवर्ग की महिलाओं में होता है। महिलाओं में आम तौर पर पाया जाने वाला एचपीवी (ह्यूमन पेपीलोमा वायरस) जल्दी ठीक हो जाता है लेकिन गंभीर रूप लेने पर आगे जाकर सर्वाइकल कैंसर का कारण बनता है।
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सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) गर्भाशय का ही भाग है, जिसकी जांच योनि मार्ग से की जा सकती है। सर्विक्स की चौड़ाई एक इंच से भी कम होती है और इसकी लंबाई लगभग डेढ़ इंच होती है। सर्विक्स एक विशेष प्रकार की मांसपेशियों से घिरा होता है और यह सतह की कोशिकाओं (सरफेश सेल्स) की एक पतली पर्त से ढका होता है।
जानिए क्या है सर्वाइकल कैंसर
जब यह बीमारी कैंसर का रूप ले लेती है, तो इसे कार्कीनोमा कहते है। ऐसे वायरस के इंफेक्शन की वजह से जिससे एचपीवी (ह्यूमन पेपीलोमा) हो जाए, तो इससे डिस्प्लेसिया और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए होता है जब ऐसे पार्टनर के साथ सेक्स किया है जिसने कई लोगों के साथ सेक्स किया हो। जिन महिलाओं का तंत्रिका तंत्र कमजोर होता है, साथ ही जिन महिलाओं का अंग प्रत्यारोपण हुआ हो, उन्हें ये बीमारी होने की संभावना रहती है।
लक्षण
व्हाइट डिस्चार्ज
अगर अक्सर आपकी वैजाइना से बदबूदार पानी का रिसाव होता है, तो यह भी सर्वाइकल कैंसर का एक लक्षण है। इसे नजरअंदाज न करें। तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क करें। इसे लिकोरिया भी कहा जाता है।
अनिमित खून बहना
अगर सेक्स करने के बाद अधिक खून बहें या फिर तेज दर्द हो, तो कैंसर का एक लक्षण हो सकता है।
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