हेल्थ डेस्क: हर माता -पिता की यह चाहत होती है कि उनका बच्चा सबसे स्मार्ट हो। फिर चाहे वह खूबसूरती की बात हो या उसके बुद्धिमान होने की। आज के समय में शैक्षिक बोझ इतना बढ़ चुका है। जिसके नीचे बच्चे दब गए है। हर बच्चे को दूसरे बच्चे से आगे रहने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। जिससे कि उसका दिमाग तेज होना चाहिए।
बच्चों की स्मरण क्षमता बढ़ाने में गुलमेहंदी की सुगंध मददगार हो सकती है। ब्रिटेन के नार्थम्बरिया विश्वविद्यालय के मार्क मास ने कहा, "हम जानते हैं कि खराब कामकाजी याददाश्त खराब शैक्षिक प्रदर्शन से जुड़ी है। इन निष्कर्षो से बच्चों में अकादमिक प्रदर्शन में सुधार लाने में कम लागत व आसान दखल की संभावना का पता चला है।"
यह पहले से पता है कि गुलमेहंदी के तेल की सुगंध स्वस्थ वयस्कों में संज्ञानात्मक क्षमता बढ़ाने में कारगर होता है।
इस शोध में 10 से 11 साल के 40 बच्चों पर अध्ययन किया गया। इन्हें बिना किसी क्रम के गुलमेहंदी की सुंगध वाले कमरे या बिना सुंगध वाले कमरे में 10 मिनट रखा गया। इसके बाद इनकी कक्षा आधारित परीक्षा ली गई और कई तरह के मानसिक कार्य दिए गए।
इसमें पाया गया कि बिना सुगंध वाले कमरे की अपेक्षा सुगंध वाले कमरे में रहने वाले बच्चों के परीक्षा में ज्यादा अंक आए।
मास ने कहा, "यह हो सकता है कि सुगंध दिमाग पर विद्युतीय गतिविधि को प्रभावित करती है या रासायनिक रूप से सक्रिय यौगिक अवशोषित होते हैं, जब लोग इसके संपर्क में आते हैं।"
गुलमेहंदी के तेल का इस्तेमाल अक्सर अपच, पेट फूलने, पेट में ऐंठन, कब्ज या सूजन में होता है। यह अपच के लक्षणों को दूर करने और भूख बढ़ाने में भी कारगर है। ब्रिटिश साइकोलॉजिकल सोसाइटी एनुअल कांफ्रेंस इस शोध को प्रस्तुत किया गया।