1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. हेल्थ
  4. बच्चों की ऑनलाइन गेमिंग बनी पैरेंट्स के लिए मुसीबत, पढ़िए पूरी खबर

बच्चों की ऑनलाइन गेमिंग बनी पैरेंट्स के लिए मुसीबत, पढ़िए पूरी खबर

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Feb 05, 2019 11:32 am IST,  Updated : Feb 05, 2019 11:32 am IST

आजकल ज्यादातर बच्चे बाहर नहीं बल्कि घर के अंदर रहकर वीडियो गेम पर ज्यादा वक्त बिताते हैं।

ऑनलाइन गेमिंग- India TV Hindi
ऑनलाइन गेमिंग

नई दिल्ली: आजकल ज्यादातर बच्चे बाहर नहीं बल्कि घर के अंदर रहकर वीडियो गेम पर ज्यादा वक्त बिताते हैं। कम्प्यूटर गेम्स के युग में बच्चों के लिए घर से बाहर निकलकर पड़ोसी बच्चों के साथ खेलना बहुत जरूरी हो गया है। एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि बच्चों को घर से स्कूल भेजने वाले परिजन सोच सकते हैं कि बच्चों को संगठित खेलों और शारीरिक गतिविधियों में व्यस्त कर वे फिट रहते हैं, लेकिन युवाओं को इसकी और ज्यादा जरूरत होती है।

राइस यूनिवर्सिटी की लॉरा कबीरी सहित शोधकर्ताओं ने कहा कि समस्या इस बात को जानने को लेकर है कि आखिर कितनी सक्रियता संगठित जीवनशैली के लिए जरूरी है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि परिजनों को अपने बच्चों को प्रतिदिन शारीरिक गतिविधियों के लिए और ज्यादा समय देना चाहिए।

कबीरी ने कहा, "परिजन जानते हैं कि अगर वे अपने बच्चों को तेज सांस लेते हुए और पसीना छोड़ते हुए नहीं देखेंगे तो इसका मतलब वे पर्याप्त परिश्रम नहीं कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "तो शारीरिक गतिविधियों के लिए और अवसर होने चाहिए। अपने बच्चों को बाहर लाएं और उन्हें दौड़ने, पड़ोसी बच्चों के साथ खेलने दें और उन्हें बाइक्स चलाने दें।"

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, बच्चों को एक दिन में मुख्य रूप से एक घंटे की एरोबिक गतिविधि करनी चाहिए। लेकिन अन्य शोधों में पाया गया कि गैर-कुलीन स्पोर्ट्स में शामिल बच्चों को सिर्फ 20-30 मिनट में ही पर्याप्त परिश्रम कर लिया था।

जर्नल ऑफ फंक्शनल मोफरेलॉजी एंड किनेसिओलॉजी में प्रकाशित अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने अपने शोध में घर में पढ़ाई करने वाले 10-17 साल के 100 बच्चों को शामिल किया।

Latest Health News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Health से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल