1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. लाइफस्टाइल
  4. जीवन मंत्र
  5. मनुष्य के रिश्तों में फेल होने की वजह हैं ये 3 चीजें, दे दिया बढ़ावा तो सौ फीसदी हार तय

मनुष्य के रिश्तों में फेल होने की वजह हैं ये 3 चीजें, दे दिया बढ़ावा तो सौ फीसदी हार तय

खुशहाल जिंदगी के लिए आचार्य चाणक्य ने कई नीतियां बताई हैं। अगर आप भी अपनी जिंदगी में सुख और शांति चाहते हैं तो चाणक्य के इन सुविचारों को अपने जीवन में जरूर उतारिए।

India TV Lifestyle Desk India TV Lifestyle Desk
Published on: January 31, 2021 7:48 IST
Chanakya Niti-चाणक्य नीति- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV Chanakya Niti-चाणक्य नीति

आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। हम लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भरे ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार रिश्ते पर आधारित है।

'जब दिल में वहम, दिमाग में जिद और बातों में मुकाबला आ जाए तो समझ लेना की रिश्तों की हार निश्चित है।' आचार्य चाणक्य

आचार्य चाणक्य का कहना है कि जब किसी मनुष्य के जीवन में ये तीन चीजें आ जाए तो समझ लेना चाहिए कि वो अपने रिश्ते हार चुका है। ये तीन चीजें दिल में वहम, दिमाग में जिद और बातों में मुकाबला है। ये तीनों ही चीजें इतनी बलशाली होती हैं कि किसी भी इंसान के जीवन को बुरी तरह से प्रभावित करती हैं। इनके वशीभूत होकर इंसान अपने किसी भी रिश्ते से हाथ धो बैठता है। 

अगर मनुष्य के स्वभाव में शामिल हो गईं ये चीजें, तो उसकी हार निश्चित

सबसे पहले बात करते हैं दिल में वहम की। वहम एक ऐसी चीज है जिसका कोई इलाज नहीं है। अगर किसी के भी दिल में वहम आ जाए तो उसे समझाना व्यर्थ है। ऐसा व्यक्ति हमेशा वही सोचता है जो उसे ठीक लगता है। यहां तक कि वो सीधी बात का भी मतलब उल्टा निकालने लगता है। उसे लगता है कि वो जो कर रहा है और जो सोच रहा है वो ही सही है। जब भी कोई व्यक्ति उसे समझाने की कोशिश करता है तो वो उसे भी गलत समझ लेता है। 

अब बात करते हैं दिमाग में जिद और बातों में मुकाबला करना। ये दोनों चीजें भी अगर किसी के स्वभाव में शामिल हो जाएं तो इसका बुरा असर रिश्तों पर पड़ता है। ऐसा इसलिए क्योंकि दिमाग में जिद और बातों में मुकाबला दोनों ही चीजें एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं। 

मनुष्य को इस एक चीज की वापसी की किसी से भी नहीं करना चाहिए उम्मीद, हमेशा होंगे निराश

दिमाग में जिद आने का मतलब है कि आपने पहले से ही सब कुछ सोच समझ लिया है और तय कर लिया है कि आपको आगे क्या करना है। वहीं बातों में मुकाबला करने का मतलब है कि अगर आपके सामने वाला आपसे एक बात कह रहा तो आप उसे ऐसा जवाब देने की कोशिश करेंगे कि वो उस पर भारी पड़े। इसी वजह से आचार्य चाणक्य ने कहा है कि  जब दिल में वहम, दिमाग में जिद और बातों में मुकाबला आ जाए तो समझ लेना की रिश्तों की हार निश्चित है।

 

 

India TV पर देश-विदेश की ताजा Hindi News और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ते हुए अपने आप को रखिए अप-टू-डेट। Live TV देखने के लिए यहां क्लिक करें। Religion News in Hindi के लिए क्लिक करें लाइफस्टाइल सेक्‍शन
Write a comment
X