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तो हीरा बना नीरव मोदी के विनाश का कारण! जानिए क्यों माना जाता है नीलम रत्न से भी ज्यादा खतरनाक

क्या नीरव मोदी का विनाश करने में हीरा जिम्मेदार है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म कुंडली में शुक्र यदि षष्ठ, अष्टम या द्वादश भाव में हो तो हीरा अर्श से फ़र्श पर फेंक देता है। जानिए और सच्चाई...

shivani singh shivani singh
Published on: February 23, 2018 22:57 IST
nirav modi and diamond- India TV Hindi
nirav modi and diamond

धर्म डेस्क: नीरव मोदी की गिनती देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे अमीर व्यवसायी में होती है। वे पहले ऐसे कारोबारी हैं जिनका नाम ही उनका ब्रांडनेम बन गया है। वे फ़ायरस्टार डायमंड के संस्थापक हैं और उनके ग्राहकों में दुनिया के बड़े बिजनेसमैन से लेकर सेलेब्रिटी और राज घरानों के लोग शामिल हैं। नीरव मोदी की फैमिली डायमंड का ही बिजनेस करती थी। बचपन से ही वे अपने पिता के साथ डायमंड कटिंग से लेकर हर तरह के डिजाइनिंग हुनर को बारीकी से समझते थे और समय के साथ वे दुनिया के सबसे मशहूर ज्वेलरी डिज़ाइनर बन गए। लेकिन आज इस हीरे ने उनका पतन कर दिया। जानिे कैसे यह भी नीलम की तरह की विनाशक है।

विज्ञान क्या कहता है

ऐश्वर्य और प्रतीक हीरा एक पारदर्शी रत्न है। जो कि कार्बन का सबसे शुद्ध रुप है। अगर आप विज्ञान की भाषा में बात करें तो यह बहुत ही निष्क्रिय और अघुलनशील होता है।

शास्त्रों से
शास्त्रों के अनुसार हीरे दैत्यगुरु शुक्र का रत्न माना जाता है। विष्णु पुराण के अनुसार दैत्य कश्यप ऋषि और दिति के पुत्र और देव कश्यप ऋषि की दूसरी पत्नी अदिति के पुत्र थे। लिहाज़ा देव और दैत्य आपस में सौतेले भाई थे। देवों की प्रवृतियां राजसिक और सात्विक थीं। दैत्यों की प्रवृत्तियां तामसिक और भौतिक।

ज्योतिष
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार माना जाता है कि हीरा तब आपका पतन कर देता है। जब कुंडली में शुक्र षष्ठस अष्टम् या द्वादश भाव में हो। नहीं भाग्य, कर्म और लाभ भाव के साथ स्वघर का शुक्र होने पर हीरा आपकी क़िस्मत चमका देता है।  

अगली स्लाइड में जानें क्यों नीलम रत्न से ज्यादा है खतरनाक

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