1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. जीवन मंत्र
  4. Surya Grahan 2018: सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं भूलकर भी न करें ये काम, पड़ेगा बुरा प्रभाव

Surya Grahan 2018: सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं भूलकर भी न करें ये काम, पड़ेगा बुरा प्रभाव

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Aug 10, 2018 01:07 pm IST,  Updated : Aug 10, 2018 01:07 pm IST

दरअसल ग्रहण के दौरान चारों तरफ बहुत अधिक निगेटिव ऊर्जा फैल जाती है, जिसके चलते खाने-पीने की चीज़ें अशुद्ध हो जाती हैं। जानिए गर्भवती महिलाओं को क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

Solar eclipse- India TV Hindi
Solar eclipse

धर्म डेस्क: साल 2018 का अंतिम सूर्य ग्रहण अगस्त माह में लगेगा। जो कि 11 अगस्त, 2018 शनिवार को पड़ रहा है। यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। लेकिन यह भारत में नहीं दिखाई देगा। आंशिक रूप से ग्रहण को खण्डग्रास ग्रहण कहते हैं। इसीलिये  इसे खण्डग्रास सूर्य ग्रहण है। ग्रहण के समय चन्द्रमा कर्क राशि और आश्लेषा नक्षत्र में रहेगा।

अगर इस ग्रहण के सूतक की बात करें तो ग्रहण का सूतक 10 जुलाई को रात 01.32 पर ही लग चुका है। ग्रहण में सूतक का बहुत महत्व होता है। सूतक के समय घर में पानी के बर्तनों में, दूध में और दही में कुश या तुलसी की पत्ती या दूब धोकर डालनी चाहिए। अगर आपने अभी तक ये कार्य नहीं किया है, तो

दरअसल ग्रहण के दौरान चारों तरफ बहुत अधिक निगेटिव ऊर्जा फैल जाती है, जिसके चलते खाने-पीने की चीज़ें अशुद्ध हो जाती हैं। इसी अशुद्धता और निगेटिविटी को दूर करने के लिये पानी, दूध और दही में कुश, तुलसी या दूब डाली जाती है और ग्रहण के पश्चात उसे निकालकर फेंक दिया जाता है। इससे ग्रहण का प्रभाव खाने-पीने की चीज़ों पर नहीं रहता। इसके अलावा सूतक शुरू होने से लेकर ग्रहण समाप्त होने तक रसोई से संबंधित कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए, खासकर कि खाना नहीं बनाना चाहिए।

गर्भवती महिलाओं को इस दौरान अपना खास ख्याल रखना चाहिए। उन्हें किसी भी तरह का काम नहीं करना चाहिए। जैसे सुई में धागा नहीं डालना चाहिए, कुछ काटना, छीलना नहीं चाहिये। कुछ छौंकना या बघारना नहीं चाहिए। (Surya Grahan 2018: सूर्य ग्रहण का सबसे ज्यादा अशुभ प्रभाव पड़ेगा इन राशियों पर, बचने के लिए ये करें काम )

इसके बजाय मानसिक रूप से पूजा-पाठ करनी चाहिए, यानी मन में भगवान का ध्यान करते हुए पूजा करनी चाहिए और सूर्यदेव के मंत्रों का तेज आवाज़ में उच्चारण करना चाहिए। सूर्यदेव का

मंत्र इस प्रकार है-
'ॐ ह्रां ह्रीं हौं स: सूर्याय नम:।'

साथ ही सूर्यदेव का एक विशेष मंत्र भी है-

'ऊँ घृणिः सूर्याय नमः।'

आज के दिन इन मंत्रों का तेज आवाज़ में उच्चारण करने से और भगवान का ध्यान करने से आपके आस-पास निगेटिविटी नहीं रहेगी। (Shanichari Amavasya 2018:11 अगस्त को शनिश्चरी अमावस्या, दुर्भाग्य को दूर करने के लिए करें ये उपाय )

इसके साथ ही ग्रहण शुरू होने से पहले थोड़ा-सा अनाज और कोई पुराना पहना हुआ कपड़ा निकालकर अलग रख दें और जब ग्रहण समाप्त हो जाये, तो उस कपड़े और अनाज को बड़े ही आदर के साथ या कहें रिक्वेस्ट के साथ किसी सफाई-कर्मचारी को दान कर दें। इससे आपको सूर्यदेव के शुभ फल प्राप्त होंगे।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Religion से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल