उज्जैनः उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पास बेगम बाग क्षेत्र में चिकन मटन की अवैध दुकान पर मोहन यादव सरकार की एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई देखने को मिली है। यह कार्रवाई अंगारा रेस्टोरेंट पर हुई है। यह मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में शहर की चर्चित नॉनवेज की दुकान थी। इस दुकान को लेकर पूर्व मैं कई बार हिंदूवादी संगठनों ने आपत्ति ली थी कि महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर इस प्रकार की नॉनवेज दुकान संचालित नहीं होना चाहिए।
भारी संख्या में पुलिस तैनात
सुबह 9 बजे शुरू हुई कार्रवाई में किसी प्रकार का कोई विरोध प्रदर्शन देखने को नही मिला। दरअसल यहां डेढ़ माह पहले भी इसी प्रकार 12 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया था तब जरूर विरोध हुआ था। आज कार्रवाई शांतिपूर्ण चल रही है। यहां 50 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए है। जिनमें सीएसपी, टीआई व जवान मौजूद हैं। वहीं करीब 100 की संख्या में प्रशासन का भी अमला भी मौजूद है।
जिस जगह बुलडोजर एक्शन चल रहा है यह महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग है। इस जगह से महाकाल मंदिर द्वार 100 मीटर की दूरी पर है। इसके अलावा मुस्लिम बाहुल्य होने के कारण अति संवेदनशील क्षेत्र माना गया है। एक और से रास्ता पूरी तरह बन्द कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला
उज्जैन विकास प्राधिकरण ने वर्ष 1985 में बेगम बाग क्षेत्र में करीब 30 भूखंड आवासीय तौर पर 30 साल की लीज पर दिए थे। भूखंड धारकों ने इन भूखंडों का उपयोग आवासीय तौर पर करने की बजाय पूरी तरह व्यावसायिक तौर पर कर लिया। जो कि नियम विरुद्ध था। इसके साथ ही वर्ष 2014-15 में लीज भी समाप्त हो गई। जिसे नवीनीकरण भी नहीं कराया गया। भूखंडों को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने लगातार नोटिस दिए। वर्ष 2023-24 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भूखंड धारकों की लीज समाप्त कर दी। जिसको लेकर भूखंड धारक न्यायालय पहुंचे जहां उन्हें स्टे मिल गया। इन भूखंडों का अलग-अलग न्यायालय में मामला विचाराधीन है। कई भूखंडों से न्यायालय का स्टे हट चुका है। इसके बाद दो चरणों मे ढाई माह पहले यहां 12 बिल्डिंगों को हटाया गया था।
खास बात तो यह है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण ने यहां 30 भूखंड आवंटित किए थे। जिनमें प्रत्येक की साइज करीब 2400 स्क्वेयर फीट थी। भूखंड धारकों ने इनके अलग-अलग टुकड़े कर करीब 65 बिल्डिंग बना ली। 65 में से 13 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया है। शेष 52 को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत तोड़ा जाएगा।
कोर्ट से स्टे हो गया था खारिज
शुक्रवार की कार्रवाई के करीब एक माह पहले न्यायालय ने बिल्डिंग मालिक अनीसा बी का स्टे खारिज कर दिया था। इसके बाद विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिया गया था जिनकी समय सीमा समाप्त हो गई। भवन मालिक से बातचीत की गई और उन्हें न्यायालय प्रक्रिया के बारे में समझाया गया। इसके बाद उन्होंने स्वतः अपनी बिल्डिंग खाली करना शुरू कर दी। इसलिए यह कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है।
आज जिस बिल्डिंग को जमीदोंज किया जा रहा है उनकी विस्तृत जानकारी यह है कि इसका भूखंड क्रमांक 19 है। जो कि वर्तमान में अनीसा बी के नाम पर है। इसे मोहम्मद शादाब और मोहम्मद वसीम संचालित कर रहे थे। इसमे नॉनवेज की दुकान चल रही थी। यहां मटन और चिकन का रेस्टोरेंट था। खास बात यह है कि हिंदूवादी संगठनों ने इसका कई बार विरोध किया था क्योंकि यह महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर मंदिर से 100 मीटर के दायरे में है।
उज्जैन विकास प्राधिकरण का सामने आया बयान
उज्जैन विकास प्राधिकरण सीईओ संदीप कुमार सोनी ने बताया कि माननीय न्यायालय से स्टे खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। भूखंड धारक को भूखंड आवासीय तौर पर दिए गए थे जिसे उन्होंने व्यावसायिक उपयोग किया। इसके अलावा लीज समाप्त होने के बाद लीज नवीनीकरण भी नहीं हो सका है। इसलिए यह कार्रवाई की गई। वहीं मामले में नगर निगम उपायुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि इस कार्रवाई को लेकर 100 से अधिक अमला नगर निगम व प्रशासन का मौजूद है। एक वाहनों का उपयोग किया गया है जिसमे जेसीबी, पोकलेन व डम्फर शामिल है।
रिपोर्ट- प्रेम डोडिया, उज्जैन
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