मध्य प्रदेश में एक बार फिर दूषित पानी के कारण कई लोग बीमार हुए हैं। पहले इंदौर में 15 लोगों की मौत हो गई और अब इंदौर के पास महू में दो दर्जन से ज्यादा लोग दूषित पानी के कारण बीमार हुए हैं। इंदौर में भी दूषित पानी से मरने वाले लोगों की अनौपचारिक संख्या 28 तक पहुंच गई है। अब महू से भी ऐसी घटना सामने आई तो प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गया। देर रात विधायक कलेक्टर और स्वास्थ विभाग कि टीम ने अस्पताल और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान मरीजों का हालचाल जाना और उचित इलाज का भरोसा दिया।
घटना महू की है, जहां के पत्ती बाजार चंदर मार्ग क्षेत्र में इन दोनों इंदौर के भागीरथ पुरा जैसी ही त्रासदी की भनक नजर आ रही है। विगत 8 दिनों से क्षेत्र के लगभग दो दर्जन से अधिक लोग बुखार पीलिया व टाइफाइड के शिकार होकर विभिन्न अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। मामले की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और तुरंत स्वास्थ्य विभाग की टीम एसडीएम तहसीलदार ने मौके का निरीक्षण किया, रोगियों की जानकारी ली।
देर रात मरीजों से मिलीं विधायक
देर रात क्षेत्रीय विधायक उषा ठाकुर और इंदौर कलेक्टर ने जिले की स्वास्थ्य विभाग टीम के साथ निरीक्षण किया। वह विभिन्न अस्पतालों में और घरों में गए। यहां उपचार करा रहें मरीजों की जानकारी ली और सभी को पर्याप्त उपचार का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने बताया कि सभी रोगियों की स्थिति सामान्य है और क्षेत्र में टीम ने पानी की सैंपलिंग कार्य शुरू कर दिया है।
इंदौर में क्या हुआ?
इंदौर में पीने के पानी में सीवर का पानी मिल गया था। इस वजह से कालरा जैसी बीमारी फैल गई। कई लोगों में संक्रमण हुआ और 200 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हुए। सरकार के अनुसार इनमें से 15 लोगों की मौत हुई। वहीं, स्थानीय लोगों की मानें तो मौत का आंकड़ा 28 तक पहुंच चुका है।
(इंदौर से भरत पाटिल की रिपोर्ट)
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