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ग्वालियर में हिंदू महासभा के कार्यक्रम में गोडसे और आप्टे की तस्वीर पर हुआ माल्यार्पण

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 02, 2021 11:38 pm IST,  Updated : Oct 02, 2021 11:38 pm IST

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने कहा, हमें गांधी से कोई लेना देना नहीं है।

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हिंदू महासभा की स्थानीय इकाई ने महात्मा गांधी के हत्यारों नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे की तस्वीरों पर माल्यार्पण किया। Image Source : PTI FILE

ग्वालियर: हिंदू महासभा की स्थानीय इकाई द्वारा शनिवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आयोजित एक संगोष्ठी में महात्मा गांधी के हत्यारों नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे की तस्वीरों पर माल्यार्पण किया गया। गांधी की 152वीं जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए दक्षिणपंथी संगठन के एक नेता ने महात्मा गांधी को देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार भी ठहराया। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान दंगों में हिंदू मारे गए इसीलिए नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे ने गांधी और जिन्ना को मारने का संकल्प लिया था।

‘हमें गांधी से कोई लेना देना नहीं है’

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने कहा, ‘हमें गांधी से कोई लेना देना नहीं है। गांधी और मोहम्मद अली जिन्ना देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार थे। विभाजन के कारण देश में सबसे बड़ा नरसंहार हुआ, दस लाख से अधिक हिंदू मारे गए और 50 लाख से अधिक विस्थापित हुए। इसलिए नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे ने गांधी और जिन्ना को मारने का संकल्प लिया था।’ भारद्वाज ने कहा कि जब वे (गोडसे एवं आप्टे) गांधी की हत्या कर सकते थे तो वे पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना तक भी पहुंच सकते थे। यहां दौलतगंज क्षेत्र में महासभा के कार्यालय में ‘गांधी और हुतात्मा (शहीद) गोडसे और आप्टे’ पर संगोष्ठी आयोजित की गई।

‘गोडसे और आप्टे की तस्वीरों पर माल्यार्पण’
इस मौके पर गोडसे और आप्टे की तस्वीरों पर माल्यार्पण किया गया और कुछ कार्यकर्ताओं ने ‘पंडित नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे अमर रहे’ के नारे भी लगाए। इस साल जनवरी में महासभा ने ग्वालियर में अपने कार्यालय में गोडसे पर एक अध्ययन केंद्र खोला था लेकिन दो दिन बाद जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद इसे बंद कर दिया गया। 2017 में महासभा ने कार्यालय में गोडसे की प्रतिमा भी स्थापित की थी जिसे जिला प्रशासन ने जब्त कर लिया था।

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