मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा से फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कुछ शिक्षक दूसरे की मार्कशीट पर अपना नाम लिखकर शिक्षक की नौकरी कर रहे थे। फर्जी डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने आठ शिक्षकों पर जिला शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए इन्हें बर्खास्त कर दिया और इसके बाद मंगलवार को ब्यावरा सिटी थाना पुलिस के द्वारा सभी पर एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद 7 शिक्षकों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से सभी को एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। थाना प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि आठों व्यक्तियों ने फर्जी डीएड की मार्कशीट लगाकर नौकरी पाई थी।
12 से 16 साल से पढ़ा रहे थे शिक्षक
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले से सामने आए इस फर्जीवाड़े ने सबको चौंका दिया है। दरअसल, पिछले महीने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भर्ती में हुई अनियमितताओं के सबंध में शिकायत मिली थी। जैसे ही इसकी जानकारी कलेक्टर तक पहुंची, एक जांच समिति बनाई गई, जिसने 2010 से 2014 के बीच भर्ती हुए कुछ संदिग्ध शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच शुरू की। इस जांच में कुछ मार्कशीट और डिग्रियां ऐसी थीं, जो कर्नाटक राज्य मुक्त विश्वविद्यालय की थीं। फर्जी डिग्री लगाकर सरकारी नौकरी करने वाले ये शिक्षक पिछले 12 से 16 सालों से बच्चों को पढ़ा रहे थे।
इन शिक्षकों पर दर्ज हुई है FIR
थाना प्रभारी ने बताया कि पवन शर्मा, सुनील प्रजापति, हेमंत शर्मा, सावित्री दांगी, बने सिंह लववंशी, भारत सिंह यादव, हरिप्रसाद लववंशी हिम्मत सिंह मीणा पर कूट रचित दस्तावेज तैयार करने पर धारा 318(4) जालसाजी धोखा देना, धारा 336(3) कूट रचित दस्तावेज तैयार करना , धारा 338, मूल्यवान प्रतिभूति बिल इत्यादि की कूट रचना, धारा 340(2) कूट रचित दस्तावेज का असली के रूप में उपयोग में लाने के तहत मामला दर्ज किया गया।
क्या बोले थाना प्रभारी शिवराज सिंह चौहान?
थाना प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा - 'फर्जी मार्कशीट के जरिए सरकारी नौकरी पाने के आरोप में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना ब्यावरा में अपराध क्रमांक 53826 धारा 3184 3363 338 340 दो बीएएनएस का पंजीबद्ध किया गया है। जिसमें कुछ शिक्षक 2011-13 में फर्जी अंक सूची को लगाकर यह नौकरी कर रहे थे। हमने आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिसमें से सात की गिरफ्तारी कर ली गई है।'
(राजगढ़ से गोविंद सोनी की रिपोर्ट)
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