महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसीपी) प्रमुख अजित पवार ने महानगरपालिका चुनाव में हार के बाद पहली बार बयान दिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को पुणे और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका चुनावों में मिली भारी जीत की शनिवार को बधाई दी। पुणे और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका चुनावों के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए गए। इस जीत के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुणे का असली दादा वहां की जनता है।
राकांपा महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति का हिस्सा है, जिसमें भाजपा और शिवसेना भी शामिल हैं। हालांकि, पुणे और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका चुनावों के लिए पार्टी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) के साथ गठबंधन किया था। लेकिन दोनों ही नगरपालिकाओं में राकांपा-राकांपा (एसपी) गठबंधन को भाजपा के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। अहम बात यह है कि लंबे समय से पुणे में एनसीपी का दबदबा रहा है।
ईवीएम पर क्या कहा?
अजित पवार ने शनिवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी के नेता हार के कारणों का विश्लेषण करने के लिए बैठक करेंगे। विपक्ष के इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठाने के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि वह इस मुद्दे पर टिप्पणी नहीं करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हार के बाद ईवीएम को दोष देना स्वाभाविक है, लेकिन जीत मिलने पर कोई भी इस तरह के सवाल नहीं उठाता है। पवार ने कहा, “मतदाता महत्वपूर्ण हैं और हर राजनीतिक दल को अपने प्रयास जारी रखने चाहिए। भाजपा ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है और मैं पार्टी को उसके प्रदर्शन के लिए बधाई देता हूं। भाजपा ने ये नगर निकाय चुनाव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में लड़े और अन्य दलों को हार का सामना करना पड़ा।”
काम जारी रखना चाहिए- अजित पवार
एनसीपी प्रमुख ने कहा कि इस हार से निराश होने के बजाय काम जारी रखा जाना चाहिए। कभी राकांपा और पवार परिवार का गढ़ रहे पुणे और पिंपरी-चिंचवड में हार के संभावित कारणों के बारे में पूछे जाने पर उपमुख्यमंत्री ने कहा, “नतीजे घोषित हुए अभी मात्र 24 घंटे ही बीते हैं। पार्टी बैठकर नतीजों पर चर्चा करेगी। मीडिया ने भी पार्टी के लिए अनुकूल माहौल का अनुमान लगाया था, लेकिन मीडिया के अनुमान भी गलत साबित हुए।” पुणे महानगरपालिका चुनावों में भाजपा ने 119 सीट पर जीत दर्ज की, जबकि राकांपा को 27, राकांपा (एसपी) को तीन और कांग्रेस को 15 सीट मिलीं। वहीं, 128 सदस्यीय पिंपरी-चिंचवड नगर निकाय में भाजपा ने 84 सीट पर कब्जा जमाया।
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