मुंबई: बारामती उपचुनाव को लेकर राज्य में सियासी हलचल तेज है। इस बीच सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की है। बताया जा रहा है कि एनसीपी अजित पवार का गुट और महायुति बारामती में उपचुनाव को निर्विरोध कराने के पक्ष में हैं। खास बात यह है कि एनसीपी का शरद पवार गुट की भी इस मुद्दे पर समान राय बताई जा रही है, जिससे राजनीतिक समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार खड़ा किया जा सकता है। अब सुनेत्रा पवार के निर्विरोध निर्वाचन के लिए मंथन चल रहा है।
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एमवीएम उतारेगी उम्मीदवार?
जानकारी के मुताबिक महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर सुनेत्रा के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारने को लेकर पूरी सहमति नहीं बन पाई है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस बारामती सीट से अपना उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है, जिससे निर्विरोध चुनाव की संभावना पर सवाल खड़े हो गए हैं। सुनेत्रा पवार बारामती से 6 अप्रैल को नामांकन दाखिल करने वाली हैं।
उद्धव के फैसले पर टिकी निगाहें
कांग्रेस के इस फैसले से सुनेत्रा को चुनाव में प्रचार में उतरना पड़ सकता है। ऐसे में अब सबकी नजर उद्धव ठाकरे के फैसले पर टिकी है कि वे क्या फैसला करते हैं। उद्धव ठाकरे का फैसला यह तय कर सकता है कि बारामती में चुनाव निर्विरोध होगा या मुकाबला देखने को मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक इसी सिलसिले में सुनेत्रा पवार ने उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की है।
अजित पवार के निधन से खाली हुई सीट
बता दें कि बारामती सीट से अजित पवार विधायक थे। महायुति की सरकार में वे डिप्टी सीएम की भूमिका निभा रहे थे लेकिन 28 जनवरी के बारामती में एक विमान हादसे में उनका निधन हो गया। इसके बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार जो कि राज्यसभा सदस्य थीं, को महाराष्ट्र का डिप्टी सीएम बनाया गया। सुनेत्रा ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। अब वे बारामती से अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई सीट से उम्मीदवार हैं। अजित पवार इस सीट से 8 बार विधायक चुने गए। इस सीट पर पवार परिवार का दबदबा है।
नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अप्रैल
बारामती उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अप्रैल है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल को होगी। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 9 अप्रैल है। अगर 6 अप्रैल को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख तक सुनेत्रा के अलावा किसी और ने नामांकन दाखिल नहीं किया तो वे निर्विरोध चुन ली जाएंगी। वहीं अगर सुनेत्रा के अलावा कोई और उम्मीदवार नामांकन दाखिल करता है तो फिर बारामती की सीट पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी। वहीं चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
संजय राउत ने क्या कहा?
वहीं बारामती उपचुनाव पर संजय राउत का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि अजित पवार जी का जिस तरीके से निधन हुआ एक्सीडेंटल, बहुत दर्दनाक है। लोग अभी भी सदमे में हैं। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार राज्यसभा मेंबर थी, इस्तीफा दिया, अब डिप्टी सीएम बन गई। बाय इलेक्शन की घोषणा हुई है। अगर चुनाव निर्विरोध होता है तो सुनेत्रा ताई कोशिश करेंगी ही। अजित पवार एक बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति थे। ठाकरे परिवार हमारे सबके अच्छे रिश्ते हैं, चाहे अजित दादा पवार हो, चाहे शरद पवार हो। बातचीत हो गई है। बातचीत में क्या निर्णय लेना है शिवसेना पार्टी, उद्धव ठाकरे जी जल्दी-जल्दी इस पर बताएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी की जो भूमिका है वह कोई गलत भूमिका नहीं है। वह बीजेपी का विरोध कर रही है। बीजेपी के साथ जो लोग खड़े हैं सरकार में, कांग्रेस की भूमिका है हम उनका विरोध करेंगे। अजित दादा पवार की बात आती है तो हम एक साथ बैठेंगे। उद्धव साहब की जो भूमिका रहेगी, हम सब बातचीत करके और भी एक बाय इलेक्शन है उसे पर भी निर्णय लेना है। अगर यह निर्णय महा विकास आघाडी का है, एक पार्टी निर्णय नहीं ले सकती।”