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देवेंद्र फडणवीस ने 75 स्कूलों को दिए गए अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था के दर्जे पर लगाई रोक, सुनेत्रा पवार के पास है ये मंत्रालय

 Reported By: Sachin Chaudhary, Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Feb 17, 2026 12:18 pm IST,  Updated : Feb 17, 2026 12:23 pm IST

अजित पवार के निधन के बाद कई फाइलें महीनों से लंबित थीं, लेकिन निधन के कुछ घंटों बाद ही तेजी से मंजूरियां दी गईं। शेष प्रमाणपत्र अगले तीन दिनों में जारी किए गए थे।

सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार- India TV Hindi
सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार Image Source : PTI

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्यभर के 75 स्कूलों को प्रदान किए गए अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था के दर्जे को फिलहाल स्थगित कर दिया है। यह निर्णय पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु के तुरंत बाद जारी की गई मंजूरियों पर उठे सवालों के बाद लिया गया है।

घटना वाले दिन संस्थानों को दी गई मंजूरी

सरकारी अभिलेखों के अनुसार, 28 जनवरी से 2 फरवरी के बीच 75 संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा प्रदान किया गया। पहला प्रमाणपत्र दुर्घटना वाले दिन दोपहर 3:09 बजे जारी हुआ था। घटना वाले दिन सात संस्थानों को मंजूरी दी गई, जबकि शेष प्रमाणपत्र अगले तीन दिनों में जारी किए गए।

अब सुनेत्रा पवार के पास है ये मंत्रालय

अल्पसंख्यक विकास विभाग, जो पहले अजित पवार के पास था, अब नई उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के पास है, जिन्हें हाल ही में शपथ दिलाई गई है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने इन मंजूरियों की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और निर्देश दिया है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या प्रक्रियागत चूक पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

जांच में सामने आएगा पूरा सच

उच्च स्तरीय जांच में यह परखा जाएगा कि फाइलों की प्रक्रिया किस प्रकार की गई, क्या निर्धारित नियमों का पालन हुआ और क्या प्रमाणपत्र जारी करने पर पहले से लगी किसी रोक को विधिसम्मत रूप से हटाया गया था।

25 लाख रुपये की रिश्वत का भी आरोप

सूत्रों के अनुसार कई मंजूरियां नियमित कार्यालय समय के बाद जारी की गईं तथा एक ही शैक्षणिक समूह से जुड़े कई संस्थानों को एक ही दिन दर्जा प्रदान किया गया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों ने प्रति प्रमाणपत्र लगभग 25 लाख रुपये की रिश्वत ली और अजित पवार के निधन के बाद बने प्रशासनिक शून्य का लाभ उठाया।

सीआईडी जांच की उठी मांग

राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और सीआईडी जांच की मांग करते हुए प्रमाणपत्रों के त्वरित वितरण को “गंभीर रूप से चिंताजनक” बताया। राज्य अल्पसंख्यक आयोग महाराष्ट्र में 8,500 से अधिक अल्पसंख्यक संस्थानों के रिकॉर्ड की समीक्षा करेगा ताकि इस दर्जे के दुरुपयोग को रोका जा सके।

कमजोर वर्गों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान

अल्पसंख्यक दर्जा मिलने से स्कूलों को प्रशासनिक स्वायत्तता मिलती है और शिक्षा का अधिकार कानून के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान से छूट प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्दिष्ट अवधि में जारी सभी अनुदान और प्रमाणपत्रों को व्यापक समीक्षा पूरी होने तक प्रभाव से स्थगित रखने के निर्देश दिए हैं।

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