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'शिंदे की बगावत ने BJP के लिए सत्ता का रास्ता साफ किया', शिवसेना के मंत्री का बड़ा बयान

शिवसेना मंत्री शंभुराज देसाई ने कहा कि 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत ने विपक्ष में बैठी BJP को दोबारा सत्ता दिलाने का रास्ता बनाया। उन्होंने शिंदे को महायुति को मजबूत करने और राजनीतिक समीकरण बदलने का श्रेय दिया। बीजेपी नेताओं के हालिया बयानों से शिवसेना में नाराजगी बनी हुई है।

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published : Dec 06, 2025 11:47 pm IST, Updated : Dec 06, 2025 11:47 pm IST
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Image Source : PTI शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे।

सतारा: शिवसेना के मंत्री शंभुराज देसाई ने शनिवार को कहा एकनाथ शिंदे की 2022 में की गई बगावत ने विपक्ष में बैठी BJP के लिए महाराष्ट्र में दोबारा सत्ता हासिल करने का रास्ता साफ कर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक ताकत के खेल में शिवसेना की भूमिका बेहद जरूरी है। देसाई का यह बयान ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले ही राज्य मंत्री और बीजेपी नेता मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा था कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस न सिर्फ बीजेपी के प्रमुख हैं, बल्कि वे महाराष्ट्र में दूसरी राजनीतिक पार्टियों के कामकाज पर भी असर डालते हैं।

कुछ बीजेपी नेताओं के बयानों से नाराज है शिवसेना

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP, BJP की अगुवाई वाली महायुति सरकार के हिस्सेदार हैं। देसाई का शिंदे की अहम भूमिका पर जोर ऐसे समय में आया है, जब कुछ बीजेपी नेताओं के बयानों से शिवसेना की लीडरशिप नाराज है। शिवसेना खास तौर पर महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण से नाराज है, क्योंकि शिवसेना के कुछ सदस्यों ने सहयोगी पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है। देसाई ने कहा कि 2019 के बाद जब महा विकास अघाड़ी बनी, तो बीजेपी को विपक्ष में बैठना पड़ा और उद्धव ठाकरे ने NCP (अविभाजित) और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई।

'शिंदे के फैसले की वजह से दोबारा सत्ता मिली'

देसाई ने कहा कि MVA के राज में NCP और कांग्रेस को ताकतवर बनाने की कोशिशें की गईं, फिर 2022 में जब एकनाथ शिंदे ने मजबूत स्टैंड लिया, तो 50 विधायकों ने उनका साथ दिया। वह अविभाजित शिवसेना में हुई बगावत का जिक्र कर रहे थे, जिसने तत्कालीन उद्धव ठाकरे वाली सरकार को गिरा दिया। देसाई ने आगे कहा, 'उसके बाद देश में राजनीतिक हालात बदलने लगे। विपक्ष में बैठी बीजेपी को एकनाथ शिंदे के फैसले की वजह से दोबारा सत्ता मिली।' बता दें कि शिंदे ने अविभाजित शिवसेना के वफादार विधायकों के साथ बाहर निकलकर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली MVA सरकार को गिरा दिया। इस बगावत के बाद शिंदे मुख्यमंत्री बने।

'शिंदे ने शिवसेना-बीजेपी गठबंधन को मजबूत बनाया'

देसाई ने कहा कि कोई भी फैसला तत्कालीन उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सहमति लेकर ही लिया जाता था। उन्होंने कहा, 'शिंदे के स्टैंड से 2022 में बीजेपी को सत्ता मिली। भाजपा को सत्ता में अच्छी हिस्सेदारी मिली और शिंदे ने शिवसेना-बीजेपी गठबंधन को मजबूत बनाया। शिंदे साहब ने महायुति की सफलता में और बीजेपी के मजबूत होने में अहम भूमिका निभाई। हम 2019 में सत्ता में थे और बाहर निकलने की कोई वजह नहीं थी। जब शिंदे ने बगावत की, तो हमने आगे क्या होगा, इसकी परवाह नहीं की। शिंदे ने महायुति को मजबूत बनाया। शिंदे की कार्यशैली, उनकी रफ्तार और तेज फैसले लेने की काबिलियत ने चुनावों में शानदार सफलता दिलाई।' (PTI)

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