मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों में बदलाव करते हुए कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित मुंबई, पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में मानसून से पहले किए जाने वाले कार्यों की अनुमति दे दी है। सरकार द्वारा 21 अप्रैल को लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों में किए बदलाव के तहत मुंबई और पुणे को दी सभी रियायतें वापस ले ली थी। राज्य में कोरोना वायरस के 6000 से अधिक मामले हैं और उसका बड़ा हिस्सा इन दो क्षेत्रों में केन्द्रित है।
Related Stories
सरकार ने गुरुवार को जारी आदेश में तीनों शहर में मेट्रो रेल और नगर निगम आयुक्त द्वारा सभी कार्यों सहित मानसून से पहले किए जाने वाले सभी कार्यां को अनुमति दे दी है। आदेश में कहा कि अपने घरों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के बेडसाइड, अटेंडेंट और केयर गिवर्स को भी लॉकडाउन के दौरान काम करने की अनुमति दी जाएगी।
सरकार ने राज्य में कुछ अन्य गतिविधियों में भी छूट दी है लेकिन सामाजिक दूरी के नियम का पालन करना होगा। उसने कहा कि कृषि और बागवानी के लिए छूट, निर्यात/आयात की सुविधाएं, मसलन पैक हाउस, बीज और बागवानी उत्पादन के लिए निरीक्षण और उपचार की सुविधा, अनुसंधान प्रतिष्ठान, रोपण सामग्री के अंतर-राज्य लेनदेन, शहद मधुमक्खी कॉलोनियों, शहद और अन्य मधुमक्खी उत्पादों के लिए अनुमति दी गई है।
आदेश में कहा गया कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों जैसे ब्रेड फैक्ट्रियां, दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र, आटा तथा दाल मिल को काम करने की अनुमति होगी।