महाराष्ट्र में बृहनमुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के लिए 15 जनवरी को वोटिंग होगी। मुंबई और अन्य 28 महानगर पालिकाओं के चुनाव के लिए उद्धव गुट की शिवसेना-यूबीटी और कांग्रेस का सीधा गठबंधन नहीं हुआ है। हालांकि, पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (PMC) चुनाव के लिए दोनों दलों ने अपने गठबंधन की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव के लिए दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय हो गया है, जिसके तहत कांग्रेस 60 और शिवसेना-UBT 45 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
पुणे में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस नेता सतेज पाटिल और शिवसेना-UBT नेता सचिन अहीर ने इस गठबंधन की जानकारी दी। सतेज पाटिल ने बताया कि सीटों के बंटवारे को लेकर रविवार सुबह 5 बजे तक गहन चर्चा चली, जिसके बाद शुरुआती 105 सीटों पर उम्मीदवार तय कर लिए गए हैं।
प्रारंभिक सीट बंटवारे के समझौते के अनुसार, पुणे नगर निगम (पीएमसी) की 160 सीटों में से कांग्रेस 60 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना 45 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। नेताओं ने बताया कि शेष 55 सीटों के आवंटन को लेकर दोनों पार्टियों के बीच बातचीत जारी है और आने वाले दिनों में सीट बंटवारे को लेकर और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
सतेज पाटिल ने खुलासा किया कि प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) ने भी गठबंधन के लिए प्रस्ताव दिया है। पाटिल ने कहा, "वंचित के साथ कांग्रेस की स्वतंत्र चर्चा चल रही है। चूंकि हमें अपने घटक दलों को भी विश्वास में लेना है, इसलिए फाइनल आंकड़ा आज रात तीनों पार्टियों की सहमति के बाद सार्वजनिक किया जाएगा।"
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शिवसेना नेता सचिन अहीर ने विश्वास जताया कि यह गठबंधन पुणे की सूरत बदल देगा। उन्होंने कहा, "हम आने वाले समय में यह दिखाने का प्रयास करेंगे कि शहर का कायापलट कैसे किया जा सकता है। पुणे के बाद अब हमारी मंशा पिंपरी-चिंचवड में भी साथ बैठकर निर्णय लेने की है, जिसकी बैठक सोमवार को प्रस्तावित है।"
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